रांची (RANCHI): झारखंड में अफसरशाही का मुद्दा अब तक मुख्य रूप से विपक्ष उठाता रहा है, लेकिन अब सत्ता पक्ष के विधायक भी अधिकारियों के खिलाफ खुलकर बोलने लगे हैं. कांग्रेस और झामुमो के कई विधायकों ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं.
कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने कहा कि राज्य में कुछ अधिकारी बेलगाम हो गए हैं और उनकी “चमड़ी मोटी” हो गई है. उनका आरोप है कि कुछ अधिकारी खुद को विधायिका से ऊपर समझने लगे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों को सुधर जाना चाहिए, नहीं तो मामला और गंभीर होगा तथा कार्रवाई की जाएगी. कच्छप ने कहा कि झारखंड में “अबुआ सरकार” जनता के हित में काम कर रही है, लेकिन कुछ अधिकारी सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं.
वहीं भाजपा विधायक सीपी सिंह ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अफसरों का बेलगाम रवैया इस सरकार के कार्यकाल में शुरू से ही देखने को मिल रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके काम को कोई अधिकारी रोक नहीं सकता और वे ऐसे अधिकारियों को “लाइन पर लाना” जानते हैं. सीपी सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार में कमीशनखोरी की वजह से यह स्थिति बनी है. जब सरकार खुद अधिकारियों से वसूली करेगी, तो अधिकारी खुद को विधायिका से ऊपर समझने लगेंगे.
झामुमो विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि राज्य में सरकार गरीबों के हित में काम कर रही है, लेकिन कुछ अधिकारी अपनी कार्यशैली से सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि प्रशासन व्यवस्था में अनुशासन बना रहे.
रिपोर्ट : समीर हुसैन
