रांची (RANCHI): झारखंड में ट्रेजरी घोटाले ने सब को चौका दिया. वेतन मद के पैसे में बड़ा खेल किया गया. अब तक की जांच में दो जिला में 30 करोड़ से अधिक की अवैध निकासी का मामला सामने आया. जिसमें दर्जनों लोगों की गिरफ़्तारी हुई. लेकिन इस गिरफ़्तारी के बाद भी सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ सिपाही इतना बड़ा घोटाला कर सकता है. या पर्दे के पीछे कोई और खेल खेल रहा था. जिसे बचाने की कोशिश की गई. हलाकी इस केस को सीआईडी ने टेक ओवर किया है. जिसमें बड़ा खुलासा हो सकता है.
दरअसल सबसे पहले बोकारो में ट्रेजरी घोटाला सामने आया. जहां बोकारो ट्रेजरी में एक साजिश के तहत 4.25 करोड़ रुपये का खेल हुआ. इस मामले में आरोपी एसपी कार्यालय के एकाउंटेंट कौशल कुमार पांडे को हिरासत में लिया गया. जिससे पूछताछ में कई जानकारी निकली. कैसे रियार्ड दरोगा के नाम पर पैसे की निकासी की जा रही थी. साथ ही कई खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए. इस जांच के बीच ही अब हजारीबाग में 15 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ.
हजारीबाग में भी ट्रेजरी में 15 करोड़ के घोटाले की पुष्टि हुई है. जिसमें कई पुलिस कर्मी जेल भेजे गए. लेकिन हजारीबाग में संभावित घोटाला 25 करोड़ से ज्यादा का माना जा रहा है.हलाकी अब तक इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है. पूरे मामले की जांच की जा रही है.जिससे इस घोटाले के तह तक पहुंचा जा सके. और पूरी कहानी क्या है.यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
इस ट्रेजरी घोटाले की जांच का जिम्मा सीआईडी को दिया गया. जिससे सीआईडी इस केस में जुड़े हर कड़ी को खंगाल सके और पूरी हकीकत सामने लाया जा सके.सीआईडी फिलहाल अब तक पुलिस जांच के आधार पर अपनी जांच को आगे बढ़ाने में लगी है. और संभावना है कि आने वाले दिनों में एक बड़ा खुलासा हो सकता है.
दूसरी तरफ इस पूरे मामले में राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने भी पूरे घोटाले पर बड़ा बयान दिया है. जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य में सभी ट्रेजरी की जांच होगी. घोटाला करने वाला कोई भी हो उस छोड़ा नहीं जाएगा.साथ ही उन्होंने अंदेशा जताया कि घोटाला 2000 के समय से चल रहा था. इस लिए 2000 से लेकर अब तक के वित्तीय वर्ष की जांच की जाएगी.
लेकिन विपक्ष इस मामले में सरकार को घेरने में लगी है.और इसे चारा घोटाला से जोड़ कर देख रही है.भाजपा ने इस पुर घोटाले को 100 करोड़ से उपर का बताते हुए इसकी जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.