टीएनपी डेस्क (TNP DESK): पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ सख्ती बढ़ने के बीच अब झारखंड की राजनीति में भी यह मुद्दा गरमा गया है. भाजपा ने आशंका जताई है कि बंगाल में कार्रवाई तेज होने के बाद बड़ी संख्या में घुसपैठिए झारखंड का रुख कर सकते हैं. पार्टी ने हेमंत सोरेन सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए सीमावर्ती जिलों में तत्काल विशेष अभियान चलाने की मांग की है.
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा अवैध घुसपैठियों की पहचान और कार्रवाई के लिए पूर्व सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश प्रकाश प्रभात नवेलकर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की आंतरिक सुरक्षा और जनसांख्यिकीय संतुलन को लेकर पूरी तरह गंभीर है.
प्रतुल शाह देव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों पर कार्रवाई की तैयारी के बाद झारखंड के सीमावर्ती जिलों—पाकुड़, साहिबगंज, दुमका और जामताड़ा में घुसपैठ बढ़ने की आशंका है. उनके मुताबिक, झारखंड धीरे-धीरे अवैध घुसपैठियों के लिए “सेफ जोन” बनता जा रहा है, क्योंकि आसपास के कई राज्यों में भाजपा सरकार होने के कारण वहां निगरानी और कार्रवाई अधिक सख्त है.
उन्होंने कहा कि संथाल परगना क्षेत्र में जनसंख्या संतुलन तेजी से बदल रहा है. भाजपा नेता ने दावा किया कि 1951 से 2011 के बीच आदिवासी आबादी में कमी और मुस्लिम आबादी में वृद्धि दर्ज की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की तुष्टिकरण की नीतियों के कारण अवैध घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की भावना मजबूत हो रही है.
भाजपा ने राज्य सरकार से मांग की है कि सीमावर्ती जिलों में तुरंत डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं और संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए. प्रतुल शाह देव ने कहा कि इंडियन फॉरेनर्स एक्ट के तहत जिला प्रशासन को संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान और जांच का अधिकार प्राप्त है, इसलिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाने चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड की सामाजिक संरचना, स्थानीय संसाधनों, रोजगार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बेहद संवेदनशील विषय है. भाजपा ने साफ किया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी और सरकार पर कार्रवाई का दबाव बनाए रखेगी.