जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): कोलकाता का हावड़ा ब्रिज विश्व प्रसिद्ध है.हावड़ा ब्रिज का नाम शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने नहीं सुना होगा.जिसके निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले स्टील का इस्तेमाल किया गया था. वही इसको बनाने में काफी अनोखी तकनीक अपनी गई थी.इस हावड़ा ब्रिज का जमशेदपुर का गहरा नाता है. ये बात शायद सभी लोगों को पता नहीं होगी.ये सुनकर आप थोड़ा चौक जाएंगे कि जमशेदपुर और हावड़ा ब्रिज के बीच काफी पुराना और गहरा नाता है.यदि आप भी ऐसे लोगों में शामिल हो जिनको ये बात नहीं पता है, तो चलिए आपको हम बताते है कि हावड़ा ब्रिज और जमशेदपुर के बीच कितना पुराना इतिहास जुड़ा है.
पढ़ें कहां है ये बिल्डिग
जमशेदपुर के बिस्टुपुर लाइट सिग्नल के पास एक पुरानी और ऊंची इमारत है. इसकी बिल्डिंग से हावड़ा ब्रिज का कनेक्शन जुड़ा हुआ है.कई दशक पुरानी इस प्रसिद्ध इमारत के भीतर एक अनोखा इतिहास का अध्याय छुपा हुआ है.जिसके बारे में आज हम आपको बताने वाले है.
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बताया जाता है कि जिस उच्च गुणवत्ता वाले लोहे का इस्तेमाल हावड़ा ब्रिज के निर्माण में किया गया था उसी तरह के स्टील का उपयोग इस बिल्डिग को बनाने में भी हुआ था.जब हावड़ा ब्रिज बनकर तैयार हो गया तो कुछ लोहा बच गया था उसे लोहे को लेकर इस बिल्डिंग का निर्माण किया गया था.जिसे देश का स्टील सिटी कहा जाता है.कहा जाता है कि जब बिल्डिंग का निर्माण हुआ तो इसमे टाटा स्टील के गेस्ट अधिकारी आकर रहते थे हालांकी अब इसमे कई दुकानें खुल चुकी है.
आज भी मजबूती से खड़ी है इमारत
यह बिल्डिंग न केवल अपनी मजबूती के लिए जानी जाती है, बल्कि इसकी वास्तुकला भी उस दौर की पहचान है.सालों गुजर जाने के बावजूद यह इमारत आज भी मजबूती से खड़ी है, जो उस समय के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को दर्शाती है.स्थानीय लोगों के बीच यह इमारत हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है. बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका इतिहास देश के सबसे प्रतिष्ठित पुलों में से एक हावड़ा ब्रिज से जुड़ा हुआ है.
अतीत की इंजीनियरिंग क्षमता और विरासत की याद दिलाती है बिल्डिंग
आज के आधुनिक दौर में जहां नई-नई इमारतें बन रही हैं, वहीं बिस्टुपुर की यह ऐतिहासिक बिल्डिंग हमें अतीत की इंजीनियरिंग क्षमता और विरासत की याद दिलाती है. यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि जमशेदपुर के गौरवशाली इतिहास का जीता-जागता प्रतीक है.