☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • News Update
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. Jharkhand

होली में रंगों की चमक अब भी वही ! बस उसे मनाने का तरीका बदल गया है...

होली में रंगों की चमक अब भी वही !  बस उसे मनाने का तरीका बदल गया है...

TNP DESK : होली जिसे रंगों और उल्लास का पर्व कहा जाता है.समय के साथ अपने स्वरूप में काफी बदलाव देख चुकी है.पहले की होली जहां सादगी अपनापन और लोक परंपराओं से सराबोर होती थी वहीं आज की होली आधुनिकता तकनीक और बदलती जीवनशैली की झलक पेश करती है.

रिश्तों में मिठास घोलने के लिए लोग घर-घर जाकर गुजिया और पकवान बांटते थे

पहले गांव-शहरों में होली की शुरुआत हफ्तों पहले से हो जाती थी. लोग मिलकर लकड़ियां इकट्ठा करते और पूरे उत्साह के साथ होली के तहत होलिका दहन की तैयारी करते थे. फाग और चौताल जैसे लोकगीत गूंजते थे ढोलक-मंजीरे की थाप पर लोग देर रात तक झूमते थे. रंग भी प्राकृतिक होते थे. टेसू के फूलों से बना रंग, घर का बना अबीर-गुलाल और आपसी मेलजोल इसकी पहचान थी, रिश्तों में मिठास घोलने के लिए लोग घर-घर जाकर गुजिया और पकवान बांटते थे.

अब सोशल मीडिया पर “हैप्पी होली” संदेश भेजकर औपचारिकता निभा दी जाती है

वहीं अब की होली में कई बदलाव साफ नजर आते हैं. बाजारों में केमिकल रंगों की भरमार है हालांकि हाल के वर्षों में हर्बल रंगों का चलन भी बढ़ा है. पहले जहां लोग पैदल या साइकिल से रिश्तेदारों के घर जाते थे अब सोशल मीडिया पर “हैप्पी होली” संदेश भेजकर औपचारिकता निभा दी जाती है. डीजे और हाई वॉल्यूम म्यूजिक ने पारंपरिक फाग-गीतों की जगह ले ली है.

बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी भाईचारा आज भी कायम है...

सुरक्षा और कानून व्यवस्था भी अब बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है. पहले होली में स्वाभाविक उत्साह होता था.अब प्रशासनिक निगरानी, पुलिस पेट्रोलिंग और सीसीटीवी कैमरे आम बात हो गए हैं, शहरों में “ड्राई होली” और “इको-फ्रेंडली होली” जैसे अभियान भी चलाए जा रहे हैं, हालांकि बदलाव के इस दौर में भी होली का मूल संदेश,बुराई पर अच्छाई की जीत और आपसी भाईचारा आज भी कायम है, फर्क सिर्फ अंदाज का आया है, रंगों की चमक अब भी वही है, बस उसे मनाने का तरीका बदल गया है.

 

 

Published at: 28 Feb 2026 08:47 AM (IST)
Tags:Holi celebration changing trendsModern Holi celebrationChanging way of celebrating HoliHoli festival new traditionsEvolution of Holi celebrationHoli festival in IndiaTraditional vs modern HoliHoli cultural changesFestival of colors celebration

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.