☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. Jharkhand

सूबे की सत्ता रूढ़ दल झामुमो में टूट! 1932 के मुद्दे पर दर्जनों विधायक अपनी ही सरकार को दिखा रहे तेवर  

सूबे की सत्ता रूढ़ दल झामुमो में टूट! 1932 के मुद्दे पर दर्जनों विधायक अपनी ही सरकार को दिखा रहे तेवर  

रांची(RANCHI): झारखंड गठन के बाद से ही 1932 खतियान का मुद्दा उठता रहा है. 1932 खतियान सिर्फ एक बिल नहीं झरखंडियो के भावनाओं से जुड़ा मुद्दा है. 1932 को लेकर ही झामुमो सत्ता में आई थी. लेकिन यह बिल कानूनी दाव पेच के बीच फस गया है. लेकिन अब इस मुद्दे को लेकर विभिन्न छात्र संगठन सरकार के विरोध में उतर गए है. इस आंदोलन में अब छात्रों के समर्थन में सत्ता रूढ़ दल के विधायक भी सरकार को आंख दिखाना शुरू कर दिया है. छात्र सरकार से नियुक्ति वाले फार्म में Only For Jharkhand करने की मांग कर रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर छात्र एक बड़े आंदोलन की रूप रेखा तैयार कर चुके हैं. छात्रों के आंदोलन को झारखंड के लोगों के साथ साथ नेताओं के भी समर्थन मिल रहा है.

छात्र राज्य के सभी विधायक और सांसद से समर्थन को लेकर एक पत्र पर हस्ताक्षर कराने में जुटे हैं. सभी विधायक के पास जाकर उन्हें अपने आंदोलन के बारे में जानकारी दे रहे हैं. किस तरह से तीन चरणों में आंदोलन की रूप रेखा तैयार की गई है. इस आंदोलन को सबसे पहले समर्थन झामुमो के वरिष्ट नेता बोरियों विधायक लोबिन हेमब्रम ने दिया है. समर्थन देने के बाद सरकार के खिलाफ जमकर हमला बोला है. इसके अलावा झामुमो पार्टी से विधायक सुखराम उरांव, दशरत गगराई, विकास मुंडा, साबित महतो, जोबा मांझी,कांग्रेस राजेश कच्छप और निर्दलीय विधायक अमित यादव सरकार के खिलाफ इस संदोलन में छात्रों के साथ उतर गए हैं.

एक ओर झामुमो के कुछ नेता छात्रों के आंदोलन को भाजपा का आंदोलन बता रहे थे. लेकिन इस तरह से झामुमो और कांग्रेस के विधायकों का छात्रों को समर्थन के बाद सरकार की चिंता बढ़ जाएगी. आने वाले दिनों से चुनाव भी है ऐसे में चुनाव में यह एक बड़ा मुद्दा रहेगा.  एक ओर जहां भाजपा सरकार को घेरने में लगी है तो दूसरी ओर अब अपने ही विधायक सरकार पर सवाल उठा रहे हैं.  

छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो का कहना है कि यह लड़ाई अभी लंबी चलेगी. यह लड़ाई आने वाले पीढ़ी क लिए है.सरकार ने छात्रों के साथ छलावा करने का काम किया है. सत्ता में आने से पहले हेमंत सोरेन बड़े बड़े वायदे करते थे. लेकिन सत्ता में आने के बाद सुर ही बदल गए है. यहाँ 60-40 की नियोजन नीति लाई गई है. जिसमें 60 प्रतिशत झारखंड के लोग और 40 प्रतिशत बाहरी के लिए खोला गया है. झारखंड में सभी राज्य के लोगों के लिए सरकार मेहरबान है. लेकिन अब छात्र चुप बैठने वाला नहीं है. अगर सरकार जल्द ही नियुक्ति में झारखंड के लोगों के लिए लॉक नहीं करती तो दोबारा से सत्ता में आने के लिए इनका सपना हो जाएगा.                        

        

Published at:15 May 2023 01:25 PM (IST)
Tags:1932 khatiyaanniyojan nitijharkhand naukrihemant sorenjmm mlajmm mla against own govermentjharkhand jmmNiyojan Niti
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.