धनबाद (DHANBAD): प्रिंस खान गिरोह के पुलिस की गिरफ्त में आए "राइट हैंड" सैयद अब्बास नकवी उर्फ सैफी उर्फ मेजर के खिलाफ केवल धनबाद में ही नहीं बल्कि रांची, पलामू, जमशेदपुर पश्चिम बंगाल में भी मुकदमे दर्ज हैं. धनबाद पुलिस के रिकॉर्ड में इसके खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन अनुसंधान के क्रम में कई मामलों में इसके नाम आए हैं. यह प्रिंस खान गैंग का "ब्रेन" बताया जाता है.
क़ानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस लेकर आएगी धनबाद
दो-तीन दिन के अंदर धनबाद पुलिस उसे लेकर आ सकती है. फिलहाल उसे आसनसोल जेल भेज दिया गया है. निरसा के फैक्ट्री मालिक को धमकी देने के मामले में निरसा के साथ-साथ आसनसोल में भी मुकदमे दर्ज थे. इसी मामले में उसे आसनसोल जेल भेजा गया है. धनबाद पुलिस की टीम अभी भी बंगाल में है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे धनबाद लाने की कोशिश कर रही है. धनबाद पुलिस के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. सैफी 5 साल से भागा हुआ था. वह भी प्रिंस खान के साथ यूएई में था. उसे गैंग्स का टेक्नोक्रेट भी कहा जाता है.
गैंग्स को सहयोग करनेवाली भी अब पुलिस के रडार पर
शूटर से लेकर रंगदारी मांगने वालों के फोन नंबर का जुगाड़ सैफी ही करता था. सैफी के धनबाद आने के बाद गैंग्स का पूरा राज खुल जाएगा. गैंग्स को सहयोग करने वाले लोग भी अब पुलिस के रडार पर हैं. जो लोग गैंग्स को रंगदारी दिए हैं या दे रहे हैं, पुलिस अब उनसे भी अधिकृत तौर पर पूछताछ करेगी. इसके अलावे गैंग्स को विभिन्न तरीकों से सहयोग करने वाले लोग भी पुलिस के जांच के दायरे में आएंगे. कुछ सफेदपोश और सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग ही प्रिंस खान को ग्लैमराइज कर रहे है. दरअसल, पुलिस को एक डायरी भी हाथ लगी है, उस डायरी में बहुत सारी जानकारी है. गैंग्स को पैसा पहुंचाने से लेकर और कई बातें उस डायरी में अंकित है. उस डायरी के आधार पर सैफी से पूछताछ होगी.