रांची(RANCHI): देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG)-2026 को लेकर रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है. परीक्षा से पहले ही प्रशासन ने सुरक्षा, पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयार कर ली है, ताकि अभ्यर्थियों को बिना किसी परेशानी के परीक्षा देने का मौका मिल सके.
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NEET (UG)-2026 परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में जिला स्तर पर एक अहम ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री ने की.
बैठक में 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली परीक्षा की विस्तृत समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि इस बार रांची जिले में कुल 21 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा एक ही पाली में आयोजित की जाएगी. उपायुक्त ने साफ निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
उन्होंने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा की गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसके लिए सभी केंद्र अधीक्षकों, दंडाधिकारियों और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने को कहा गया है. बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक कंट्रोल, नकल रोकथाम और फर्जी अभ्यर्थियों की पहचान जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके. इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करने को कहा गया है. अभ्यर्थियों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाने के लिए भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने पर जोर दिया गया है.
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में जैसे स्वास्थ्य समस्या या आगजनी से निपटने के लिए मेडिकल टीम, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड पूरी तरह तैयार रहें. साथ ही, सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर कड़ी नजर रखने और तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में अपर जिला दंडाधिकारी, नगर पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन का लक्ष्य है कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवधानरहित तरीके से संपन्न हो, जिससे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके.