साहिबगंज (SAHIBGANJ): जिले के बोरियो प्रखंड की बिचपुरा पंचायत में योजनाओं के नाम पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है. पंचायत सचिव आशा कुमारी पर ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर पैसे मांगती हैं. रंगमटिया गांव के कई ग्रामीण जिसमें नरेश मुर्मू, मुंशी मरांडी, ताला मुर्मू, मांझी हेंब्रम और संजीव हेंब्रम सहित अन्य ने दावा किया कि उनसे प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम जोड़ने के बदले प्रति व्यक्ति एक हजार रुपये लिए गए, लेकिन अब तक किसी को योजना का लाभ नहीं मिला.
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में बिना पैसे कोई काम नहीं होता, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उनका आरोप है कि योग्य लोगों को नजरअंदाज कर कथित रूप से संपन्न और अयोग्य व्यक्तियों को योजना का फायदा दिया गया. यहां तक कि कुछ मामलों में एक ही परिवार के कई सदस्यों को आवास योजना का लाभ मिल गया, जबकि जरूरतमंद लोग आज भी इंतजार कर रहे हैं.
एक अन्य गंभीर आरोप मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी सामने आया है. गांव की बुजुर्ग महिला सांझली हांसदा ने बताया कि उनके पति उदय मुर्मू की मृत्यु के बाद प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर उनसे दो हजार रुपये लिए गए, लेकिन आज तक उन्हें दस्तावेज नहीं मिला. ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई एक मामला नहीं है, बल्कि कई लोग इसी तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं.
इसके अलावा, मनरेगा योजना में भी कमीशनखोरी के आरोप लगे हैं. ग्रामीणों के अनुसार, मजदूरी कार्य दिलाने के लिए 4 से 6 प्रतिशत तक कमीशन मांगा जाता है, जिसके कारण कई लोगों को समय पर काम नहीं मिल पाता और वे पलायन को मजबूर हो रहे हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए बोरियो प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी नागेश्वर साव ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं.