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बड़ी खबर: अवैध खनन मामले के पूछताछ में खुलासा, अवैध उगाही के बल पर चल रहा झामुमो! जानिए केजरीवाल ने ED को और क्या बताया

BY -
Padma Sahay
Padma Sahay
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 17, 2026, 6:22:09 PM

रांची (RANCHI) : अवैध खनन मामले में आया सनसनीखेज मोड़. ईडी ने उगलवाये हेमंत के करीबियों से कई राज. जी हां ,  झारखंड में सत्ता का बागडोर सम्हाल रहे झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की राजनीतिक गतिविधियां और प्रचार,  अवैध उगाही से संचालित किया जाता था. ये सनसनीखेज खुलासा कोई और नहीं बल्कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बेहद करीबी और झामुमो के पुराने  कोशाध्यक्ष  रवि केजरीवाल ने किया है. 

काली कमाई में शामिल है और कई चेहरे

ED को दिए बयान में केजरीवाल ने कहा , उन्होंने कहा उनके बाद सीएम हेमंत के निर्देश पर कारोबारी अमित अग्रवाल इस अवैध कमाई के खेल में शामिल हुए और काले पैसे का  प्रबंधन कोलकाता स्थित कई कंपनियों के हवाले से किया जाने लगा. रवि केजरीवाल ने  दावा किया है कि अमित अग्रवाल के रांची के रहने वाले एक रिश्तेदार  विनीत अग्रवाल हेमंत सोरेन की ओर से धन एकत्र करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में से एक हैं. काली कमाई वाले फंड को कई कंपनियों के बैंक खातों में समायोजित किया जाता है, जिनका प्रबंधन और नियंत्रण अमित अग्रवाल द्वारा किया जाता है. ED को दिए बयान में केजरीवाल ने कई और भी खुलासा किया है , जिसकी पड़ताल ED अपने स्तर से कर रही है .

कौन है रवि केजरीवाल

रवि केजरीवाल हेमंत और सोरेन परिवार का बेहद करीबी मित्र रहा है. पारिवारिक संबंधों के अलावा रवि केजरीवाल  अगस्त 2020 तक झामुमो के कोषाध्यक्ष भी बने रहे थे. उसके बाद उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया. पार्टी से उन्हें दूर करने के पीछे आपसी मनमुटाव रहा था. दावा किया जा रहा है कि ये खुलासा रवि ने  साहिबगंज में पत्थर खनन घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष किया है. 

मनी लांड्रिंग में माहिर है अमित अग्रवाल

गौरतलब है कि अभी अमित अग्रवाल वकील राजीव कुमार कैश कांड में  जेल में है. ED का मानना है कि खनन घोटाले में अमित की भूमिका संदिग्ध है और मनी लॉन्ड्रिंग का एक बड़ा खिलाड़ी है. रवि केजरीवाल ने दावा किया कि मैसर्स ऑरोरा एविएशन और अमित अग्रवाल की कई अन्य कंपनियों का इस्तेमाल अवैध खनन और अन्य स्रोतों से अर्जित अवैध कमाई को खपाने के लिए किया जाता था. सूत्रों के मुताबिक ऐसा दावा किया गया है कि झामुमो ने मैसर्स  ओरा एविएशन से हेलीकॉप्टर किराये पर लिया लेकिन हैलीकॉप्टर के किराये में नगदी को हेराफेरी करके खपाया गया लेकिन दूसरे कंपनी के रास्ते पैसे को पुनः अर्जित कर लिया गया .

करोड़ो की नगदी खपत करने को करते थे कागजी लेन देन,

ED ने  रवि केजरीवाल से पूछा कि  उन्हें कैसे पता कि अमित अग्रवाल के झामुमो पार्टी या मुख्यमंत्री और झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन के साथ क्या लेनदेन था , तो उन्होंने कहा कि झामुमो और अमित अग्रवाल के बीच लेन-देन खातों के  साथ-साथ झामुमो और मैसर्स अरोरा एविएशन के बैंक स्टेटमेंट में स्पष्ट है. रवि केजरीवाल ने कहा कि ये लेन-देन झामुमो पार्टी के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लेने के लिए किया गया था.  “इनमें से कई कागजी लेन-देन हैं जो केवल नकदी को खपाने  के लिए किए जाते हैं. इस तरह के लेन-देन में, पार्टी फंड से ओरा एविएशन को चेक में एक बड़ी राशि का भुगतान किया गया था और इतनी ही राशि अमित अग्रवाल से नकद में प्राप्त हुई थी. इस तरह के लेन-देन करोड़ों रुपये में होते हैं, जब ईडी ने उनसे पूछा कि इस तरह के लेन-देन के बारे में उन्हें कैसे पता चला और इस तरह के लेन-देन क्यों किए गए ? तब केजरीवाल ने कहा कि वह पार्टी के बैंक खातों के अधिकृत सिग्नट्री के तौर पर इस तरह के लेनदेन से अवगत थे.

हेमंत ने हर ओर से की फंड की उगाही, जानिए कैसे इन्वेस्ट होते थे ये काले रुपये

रवि केजरीवाल के मुताबिक अमित अग्रवाल पैसे का प्रबंधन करते थे और ये पैसे ज्यादातर अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के ऐवज में प्राप्त करते थे. इसके अतिरिक्त ठेकेदारों से कमीशन के रूप में अर्जित करते रहे है चाहे वो सड़क, भवन, सिंचाई, खनन, घर, शहरी विकास विभाग हो. रवि केजरीवाल ने स्पष्ट कहा कि पार्टी  कोषाध्यक्ष के रूप में वे बैंक चेक पर बस हस्ताक्षर करते थे. उनकी भूमिका हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार पार्टी के लिए काम करना और उसके अनुसार उम्मीदवारों को सहायता प्रदान करना था. उन्होंने कहा कि वह झामुमो पार्टी के दिन-प्रतिदिन के खर्चे के अलावा पार्टी के फंड का प्रबंधन और देखभाल करते थे और चंदा अर्जित फण्ड और खर्चों का लेखा-जोखा रखते थे. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि वो पैसे के उगाही से दूर रहते थे. ये काम हेमंत सोरेन और अमित अग्रवाल करते थे. अवैध वसूली या कमाई को फिर अलग अलग कंपनियों के द्वारा समायोजित कर दिया जाता था. ज्यादातर कंपनी कोलकाता में है जिसके मालिक अमित अग्रवाल हैं

 

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