टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड सरकार राज्य के बुजुर्गों को आर्थिक सहारा देने के लिए सार्वजन पेंशन योजना चला रही है. इस योजना के तहत हर महीने 1000 रुपये बुजुर्गों के बैंक खाते में पेंशन की राशि भेजी जाती है, ताकि उन्हें रोजमर्रा के खर्च, दवा और जरूरी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े. लेकिन लाभुकों के खाते में पेंशन की राशि पहुंचना बंद हो गई है. कई बुजुर्ग महीनों से अपनी किस्त का इंतजार कर रहे हैं.
अगर आपके घर में भी किसी वृद्ध व्यक्ति की पेंशन नहीं आ रही है, तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें. कई बार छोटी-सी तकनीकी गड़बड़ी या दस्तावेज अपडेट नहीं होने की वजह से भुगतान रुक जाता है. ऐसे में समय रहते जरूरी काम पूरा करना बेहद जरूरी है.
झारखंड सरकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत वृद्ध लाभुकों को हर महीने पेंशन राशि दी जाती है. राज्य सरकार पात्र बुजुर्गों को पेंशन का लाभ मिलता है. बताते चले की 60 से अधिक उम्र के लोगों को दी जाती है. सामान्य तौर पर वृद्धावस्था पेंशन के लाभुकों को हर महीने 1000 रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है, जो सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है. यह राशि लाभुकों के लिए बड़ी राहत मानी जाती है.
लेकिन कई बार बैंक खाते में पेंशन नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आती हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह बैंक खाता निष्क्रिय होना, आधार लिंक नहीं होना या ई-केवाईसी अधूरा रहना होता है. अगर लंबे समय से बैंक खाते में लेनदेन नहीं हुआ है, तो खाता बंद या निष्क्रिय हो सकता है. ऐसी स्थिति में सरकार द्वारा भेजी गई राशि खाते में नहीं पहुंच पाती.
इसके अलावा आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक कराना भी बेहद जरूरी है. यदि आधार सीडिंग पूरी नहीं हुई है, तो भुगतान अटक सकता है. लाभुकों को चाहिए कि वे अपने बैंक जाकर आधार लिंक की स्थिति की जांच करें. मोबाइल नंबर अपडेट नहीं रहने से भी कई बार जानकारी नहीं मिल पाती, इसलिए बैंक खाते में सही मोबाइल नंबर दर्ज होना जरूरी है.
सरकार द्वारा कई योजनाओं में ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है. अगर किसी लाभुक ने लंबे समय से ई-केवाईसी नहीं कराया है, तो उसकी पेंशन रोकी जा सकती है. ऐसे में नजदीकी प्रज्ञा केंद्र, जन सेवा केंद्र या बैंक जाकर बायोमेट्रिक के माध्यम से ई-केवाईसी पूरा कराना चाहिए.
कई बार आवेदन पत्र में नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर या बैंक खाता संख्या में गलती होने के कारण भी भुगतान अटक जाता है. इसलिए सभी दस्तावेजों की जानकारी सही होना बेहद जरूरी है. यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो, तो उसे तुरंत सुधारवाना चाहिए.
यदि किसी वृद्ध की पेंशन लगातार बंद है, तो उसे अपने पंचायत में जाकर संपर्क करना चाहिए. वहां से यह जानकारी मिल सकती है कि भुगतान किस कारण से रुका है. कई मामलों में भौतिक सत्यापन नहीं होने पर भी पेंशन रोक दी जाती है. इसलिए समय-समय पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है.
लाभुक चाहें तो ऑनलाइन पोर्टल या बैंक पासबुक अपडेट करवाकर भी यह जांच सकते हैं कि पेंशन की राशि भेजी गई है या नहीं. अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो संबंधित विभाग में लिखित शिकायत भी दी जा सकती है.
वृद्धावस्था पेंशन योजना बुजुर्गों के लिए एक बड़ी सहायता है. ऐसे में अगर किसी कारण से पेंशन बंद हो जाए, तो तुरंत जरूरी दस्तावेज अपडेट कराकर और संबंधित कार्यालय से संपर्क कर समस्या का समाधान कराया जा सकता है. समय पर जांच और अपडेट कराने से रुकी हुई पेंशन दोबारा शुरू हो सकती है