टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जब हम सरकारी स्कूलों की बात करते हैं तो हमारे दिमाग में लचर स्कूली व्यवस्था का ख्याल आता है. पर झारखंड में तस्वीर कुछ अलग है. यहाँ राज्य सरकार द्वारा संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, आम सरकारी स्कूलों से काफी अलग है.
दरअसल झारखंड सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार अथक प्रयास कर रही है. इसी दिशा में शुरू की गई मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय योजना यानि सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया मॉडल माना जा रहा है. इन स्कूलों को आम सरकारी स्कूलों से अलग बनाते हुए यहां निजी स्कूलों जैसी आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराया गया है.
इन विद्यालयों में कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई होती है और प्रवेश प्रक्रिया मेरिट और प्रवेश परीक्षा के आधार पर तय की जाती है. सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों में भी बच्चों को वही सुविधाएं और शिक्षा का स्तर मिले, जो आमतौर पर निजी स्कूलों में मिलता है.
आम सरकारी स्कूल से कैसे अलग हैं CM Excellence School
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के साथ विकसित किया गया है. यहां Central Board of Secondary Education यानि CBSE पैटर्न पर पढ़ाई कराई जाती है.
इन स्कूलों की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
• स्मार्ट क्लासरूम: पढ़ाई को आधुनिक और इंटरएक्टिव बनाने के लिए डिजिटल स्मार्ट क्लास की सुविधा.
• आधुनिक लैब: विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और आईसीटी लैब की व्यवस्था.
• भाषा प्रयोगशाला: छात्रों की भाषा कौशल को बेहतर बनाने के लिए विशेष लैंग्वेज लैब.
• डिजिटल और तकनीकी सुविधाएं: वाई-फाई, कंप्यूटर और मजबूत आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर.
• खेलकूद की व्यवस्था: छात्रों के शारीरिक विकास के लिए खेल मैदान और खेल से जुड़ी सुविधाएं.
• प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी: छात्रों को आगे चलकर JEE, NEET जैसी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाता है.
कौन ले सकता है दाखिला
• छात्र झारखंड का निवासी होना चाहिए.
• अभिभावक जो अपने बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाना चाहते हैं, वे आवेदन कर सकते हैं.
• जिन छात्रों का घर विद्यालय से करीब 2 किलोमीटर के दायरे में है, उन्हें प्राथमिकता दी जाती है.
एडमिशन की प्रक्रिया कैसे होती है
1. आवेदन फॉर्म भरना:
इच्छुक छात्र और अभिभावक ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन कर सकते हैं.
2. प्रवेश परीक्षा:
आवेदन करने के बाद छात्रों को जिलास्तरीय चयन समिति द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में शामिल होना पड़ता है.
3. मेरिट लिस्ट जारी:
परीक्षा के परिणाम के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाती है और उसी के आधार पर चयन होता है.
4. दस्तावेज सत्यापन:
चयनित छात्रों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पिछले स्कूल का ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जैसे दस्तावेज जमा करने होते हैं.
अभिभावक ऑनलाइन आवेदन के लिए राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट eVidyaVahini Portal पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं. पिछले वर्ष इन स्कूलों में बड़ी संख्या में नामांकन हुए थे.
