गढ़वा (GARHWA): जिले का कभी नक्सलियों का गढ़ माना जाने वाला बूढ़ा पहाड़ अब विकास और शांति की नई तस्वीर पेश कर रहा है. इसी बदलती तस्वीर का जायजा लेने मंगलवार को सीआरपीएफ के स्पेशल डीजी दीपक कुमार अचानक बूढ़ा पहाड़ पहुंचे. उनके साथ झारखंड सेक्टर के सीआरपीएफ आईजी साकेत सिंह, डीआईजी, गढ़वा डीसी और एसपी भी मौजूद रहे.
दौरे के दौरान स्पेशल डीजी ने इलाके में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं. ग्रामीणों ने बताया कि बूढ़ा पहाड़ के नक्सल मुक्त होने के बाद इलाके में अब अमन-चैन का माहौल है. लोग बिना डर के जीवन जी रहे हैं और विकास की रफ्तार भी तेज हुई है.
स्पेशल डीजी दीपक कुमार ने बूढ़ा पहाड़ और गढ़वा में तैनात सीआरपीएफ जवानों से भी मुलाकात की. उन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे अपने अधिकारियों से खुलकर संपर्क करें. जवानों के साहस और समर्पण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी सीआरपीएफ ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है.
मीडिया से बातचीत में स्पेशल डीजी ने कहा कि एक समय बूढ़ा पहाड़ भाकपा माओवादी संगठन का मजबूत बेस कैंप और ट्रेनिंग सेंटर हुआ करता था. लेकिन सीआरपीएफ के लगातार अभियान और जवानों की बहादुरी के कारण आज यह इलाका पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुका है. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “जहां सीआरपीएफ रहती है, वहां जीत निश्चित होती है.” उनके इस बयान ने जवानों में नया उत्साह भर दिया.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार