रांची(RANCHI): झारखंड में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी बावल बढ़ता जा रहा है. भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है.तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे भाजपा का षडयंत्र बताने में जुटा है. इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा विधायक नीरा यादव ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस पर निशाना साधा.
डॉ नीरा यादव ने कहा कि विपक्ष ने महिला आरक्षण पर जो कारनामा किया है, उनकी कारगुजारियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की कोशिश है. भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण, संतुलित प्रतिनिधित्व और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को एक विशेष सत्र बुलाया गया था ताकि सभी की सहमति से इतिहास रचा जा सके.
प्रधानमंत्री ने भी सभी दलों से दलगत भाषण से ऊपर उठकर इसमें सहयोग करने की अपील की थी. कोई भी कार्य दलगत भावना से ऊपर उठकर संपन्न होता है तो वह राजनीति नहीं राष्ट्रहित हो जाता है लेकिन इस विशेष सत्र में एक बार फिर कांग्रेस सहित विपक्षियों का राजनीतिक चरित्र दिख गया. इतना ही नहीं विधेयक पास नहीं होने पर विपक्षी उत्सव मनाने में जुटे रहे.
इनके आका राहुल गांधी अपने 40 मिनट के भाषण में कार्टून कार्टून खेलते रहे, इस दौरान उन्होंने नारियों के लिए एक शब्द भी नहीं कहा. कांग्रेस के जश्न का जब एनडीए और देश की महिलाओं ने देश भर में विरोध करना शुरू किया तब कांग्रेस और विपक्षियों को लगा कि उनकी चोरी तो पकड़ी गई इसलिए फिर से एक बार इन दलों ने रंगे सियार की भांति घड़ियाली आंसू बहाना शुरू कर दिया है. कांग्रेस की महिला नेत्री धरना देने और पीएम को पोस्टकार्ड भेजने की बात कर केवल अपनी दलीय धर्म निभा रही हैं. कोडरमा विधायक ने कांग्रेस की महिला नेत्रियों से कहा कि अपने नेता को बचाने की उनकी अपनी दलीय मजबूरी हो सकती है लेकिन जब दिल गवाही नहीं दे रहा तो चुपचाप रहना बेहतर है.
उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस का चेहरा पूरी तरह देश के सामने आ चुका है. जनता कभी इन पर विश्वास करने वाली नहीं है. पोस्टकार्ड बांटिए या धरना दीजिए, अब कोई फायदा नहीं है. जनता विपक्षियों की चरित्र को समझ चुकी है. देश की माताएं बहनें आपको माफ करने वाली नहीं है. देश की एक एक महिलाओं को सचेत होने की जरूरत है. विपक्षियों के झांसे में नहीं आना है. 60 साल तक इन्होंने ठगा है. इनकी घड़ियाली आंसू और दिगभ्रमित करने की योजना कारगर होने वाली नहीं है.
उन्होंने सवाल किया कि क्या सिर्फ एनडीए की महिलाओं के लिए यह अधिनियम था ? क्या इसका लाभ पूरे देश की महिलाओं को नहीं मिलता ? इस अधिनियम के विरोध के पीछे कांग्रेस ने परिसीमन का बहाना बनाया तो कांग्रेसियों को यह बतानी चाहिए कि क्या बिना परिसीमन आरक्षण संभव है ? कांग्रेस ने एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर को खो दिया. भाजपा आश्वस्त करती है जब तक पीएम मोदी हैं, एनडीए है, तब तक महिलाओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है. इस दौरान महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह और रांची की महापौर रौशनी खलखो भी प्रेस वार्ता में मौजूद थी.