रांची(RANCHI): झारखंड लोक तांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा अब बंगाल पहुंच गई. नए साल के साथ जयराम ने ऐलान कर दिया कि अब बंगाल में भी हक और अधिकार की बात होगी. यानि बयान से साफ है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जयराम महतो की पार्टी का चुनाव लड़ना तय है. बंगाल पहुंच कर एक कार्यक्रम भी किया जिसमें युवाओं की एक बड़ी भीड़ देखी गई. ऐसे में अब जयराम महतो की तैयारी है कि झारखंड के बाद बंगाल में भी खुद को स्थापित कर ले और विधानसभा चुनाव से उसकी शुरुआत होगी.
सबसे पहले यह जान लेते है कि आखिर बंगाल में जयराम क्यों इंट्री कर रहे है. इसपर जवाब साफ है. जिस कास्ट से जयराम महतो आते है उसकी आबादी बंगाल में अच्छी खासी है. इस समाज का वोट बंगाल की राजनीति में मायने रखता है. और जयराम महतो की सीधी नजर इस वोट बैंक पर है. अगर यहां सेंधमारी में सफल हुए तो बंगाल में एक अलग रूप में जयराम खुद को स्थापित कर लेंगे. अब चुनाव से पहले ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में लगे है. जिससे चुनाव में माहौल बनाया जा सके.
पुरुलिया में कुर्मी की आबादी 65 प्रतिशत है जबकि बांकुरा में 42 से अधिक वहीं झारग्राम में 18 प्रतिशत और पश्चिमी मेदिनीपुर में 17 प्रतिशत आबादी है.जिनका वोट अगर जयराम के पक्ष में आता है तो फिर एक नया इतिहास लिखा जाएगा. क्योंकि जयराम ने पहली बार में झारखंड में भी सभी को चौका दिया था. लोकसभा चुनाव में भले ही वह जीते नहीं लेकिन पार्टी के प्रदर्शन से हर कोई चौक गया. लेकिन जब विधानसभा चुनाव का परिणाम आया तो तस्वीर बदल गई. JLKM ने अपना झण्डा बुलंद किया. अब इसी पैटर्न में बंगाल में इंट्री से चर्चा है कि जयराम बड़ा खेल कर देंगे.
अगर देखे तो जयराम महतो कुर्मी आंदोलन में भी आगे खड़े दिखे. झारखंड से लेकर बंगाल तक जब सभा हुई उसमें जयराम महतो पहुंचे और हुंकार भरा था. अब बात बराबरी की होगी और अपने हक अधिकार को लेकर रहेंगे. इस कार्यक्रम के बाद से ही यह चर्चा थी की जयराम सिर्फ झारखंड में सीमित नहीं रहेंगे. वह दूसरे राज्य की ओर बढ़ेंगे.
और अब यह तस्वीर भी सामने आई. जिसमें जयराम महतो पुरुलिया और अन्य इलाकों में कार्यक्रम कर रहे है. पहली बात यहां JLKM का झण्डा दिख रहा है. यानि तैयारी पूरी है. फिलहाल जमीन पर संगठन को मजबूत करने के साथ साथ ज्यादा कार्यक्रम करने की कोशिश JLKM की है. जिससे बंगाल के स्थानीय मुद्दों के साथ साथ वह कुर्मी आंदोलन को चुनाव में भुना सके.
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