रांची (RANCHI): राज्य में एक ओर लोगों को अबुआ आवास के लिए सरकार की तरफ से दो लाख रुपये दिए जाते हैं, पर राज्य के माननियों की बात कुछ और ही है. एक ओर राज्य के गरीब लोग दो लाख में अपने घर बनाने को मशक्कत करते हैं पर यहाँ एक माननीय को अपने घर के फर्निचर के लिए 3 लाख भी कम लग रहे हैं और उन्होंने इसके लिए 10 लाख रुपये की मांग की है.
अब आप यह सोच रहे होंगे आखिर यहाँ बात किसकी हो रही है तो यहाँ हम बात कर रहे हैं देवघर के विधायक सुरेश पासवान की. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज विधायक सुरेश पासवान ने अपने नए नवनिर्मित आवास के लिए फर्निचर की राशि बढ़ा कर आवंटित करने की मांग की है. सदन की कार्यवाही के दौरान उन्होंने यह बात राखी है जहां उन्होंने बताया की सरकार की ओर से आवास तो मिला पर फर्निचर के लिए मात्र 3 लाख रुपये दिए गए हैं जो पर्याप्त नहीं हैं. ऐसे में विधायक ने फर्निचर के लिए तीन के बजाय दस लाख रुपये की राशि आवंटित करने की मांग की है. यह मांग उन्होंने स्पीकर के समक्ष की जहां उन्होंने यह भी बताया है की विधानसभा के सामने बने आवास में सुविधाओं के अभाव के कारण उहएन बेंच पर सोना पद रहा है. 10 लाख रुपये की मांग पर विधायक ने यह दलील दी की विधानसभा में रहने वाले विधायकों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी चाचिए जिससे वह उचित परिस्थितियों में कार्य कर सकें.
अब सवाल यहाँ ये है की जिस राज्य में अबुआ आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को दो लाख रुपये दिए जाते हैं जिससे उन्हें अपने घर की नीव से लेकर ढलाई तक का जिम्मा लेना पड़ता है, उसी राज्य में माननीय के आवस के फर्निचर के लिए तीन लाख रुपये कम पद रहे हैं.
