रांची(RANCHI): राजधानी रांची में कुड़मी समाज ने कुड़मी अधिकार महारैली का आयोजन किया. प्रभात तारा मैदान में झारखंड के कोने कोने से रांची पहुंचे कुड़मी समाज के लोग जुटे. सभी ने हुंकार भरी की जब तक कुड़मी को आदिवासी यानि एसटी का दर्ज नहीं मिलता अब शांत नहीं बैठेंगे. इस कार्यक्रम में कुड़मी नेता शीतल ओहदार के साथ पूर्व विधायक लंबोदर महतो समेत कई शामिल हुए.
इस दौरान शीतल ओहदार ने कहा कि कुड़मी को एसटी में शामिल करने की मांग को लेकर कई बार आंदोलन हुआ. लेकिन हर बार केंद्र सरकार धोखा देती है. कुड़मी अपनी मांग को लेकर अब शांत नहीं बैठेगी. जो भी सरकार हो अगर गुमराह करेगी उसे सबक सिखाएंगे. कई लोग कुड़मी का विरोध कर रहे है वैसे लोगों को भी चेतवानी है कि अब कुड़मी को छेड़ना बंद कर दे. नहीं तो फिर झारखंड से बवाल की चिंगारी भड़केगी.
वहीं पूर्व विधायक लंबोदर महतो ने कहा कि कुड़मी को एसटी में शामिल करने के साथ कुडमाली भाषा को संविधान के 8 वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग कर रहे है. केंद्र और राज्य सरकार को चेतवानी देने का काम कर रहे है कि हमें गुमराह करना छोड़ दे. अपने हक और अधिकार के लिए कुड़मी जाग चुका है. अब अपनी मांग को लेकर रांची से दिल्ली तक लड़ाई लड़ेगा और इस जायज मांग को मनवा कर रहेंगे.
बता दे कि कुड़मी समाज इससे पहले भी रांची समेत अन्य राज्य में रेलवे चक्का जाम कर दिया था. 24 घंटे तक कई रेलवे ट्रैक जाम कर बैठ गए. जिसके बाद केंद्र सरकारके द्वारा आश्वासन मिला और फिर जाम हटायागया था. लेकिन वापस से अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगे है.
