रांची(RANCHI): रांची के डोरंडा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर लिया. शव को कब्र से बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम कराया और फिर हत्या के आरोप में मुह बोली बेटी के साथ प्रेमी और एक दोस्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. इस पूरे केस की कहानी किसी फिल्म के स्क्रिप्ट से कम नहीं है. पुलिस ने हत्याकांड में जो खुलासे किए वह चौकाने वाले थे. एक माँ अपनी मुहबोली बेटी पर हर कुछ निछावर करती थी,पैसे को पानी के तरह बहा रही थी.लेकिन बदले में उसे बेटी के हाथों मौत मिली.
दरअसल मंगलवार अचानक कुछ लोग डोरंडा थाना पहुंचे और रोते बिलखते पुलिस अधिकारी को बताया कि उनके घर पर एक हत्या कर दी गई है. लेकिन शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया गया है. यह सुनते ही पुलिस अधिकारी भी चौक गए. लेकिन इस बीच कुछ सबूत जब पुलिस को दिखाया गया. इसके बाद पुलिस शक के आधार पर मृतका शाहीदा प्रवीण की मुह बोली बेटी को हिरासत में लिया. उसके फोन की जांच की गई. इस बीच पुलिस को प्रेमी का कनेक्शन मिला. जिसके बाद पुलिस ने प्रेमी को भी हिरासत में लिया.
जिसके बाद दोनों ने एक और नाम समीर का लिया. जब तीनों से पूछताछ शुरू हुई. जिसमें खुलासा हुआ की माँ को तीनों ने मिल कर मारा है. उसकी माँ के खाते में पेंशन के पैसे आते थे.और बैंक खाता को बेटी ही ऑनलाइन ओपरेट करती थी. लेकिन जब बेटी पैसे ज्यादा खर्च करने लगी तब माँ को शक हुआ. जिसके बाद जानकारी मिली की वह किसी के साथ प्रेम संबंध में है.
इतने में माँ ने पैसे खर्च करने से मना किया और उस लड़के से दूरी बनाने की बात कही. बस इतना कहना उनके लिए ना गवार गुजरा. बेटी ने एक खौफनाक प्लानिंग की और फिर इस प्लानिंग में प्रेमी अरबाज के साथ उसके दोस्त समीर को मिलाया. सभी को लगा की माँ को रास्ता से हटा देने के बाद सभी पैसे भी उनके हो जाएंगे और फिर उनके प्यार में कोई काटा नहीं बनेगा.
इस बीच 24 अप्रैल की रात सभी ने प्लानिंग के तहत अपनी माँ को मार डाला. उसकी बेरहमी से पिटाई की और फिर शव को फ्रीजर में रख दिया. इसके बाद एक झूठी स्क्रिप्ट लिखी गई. जिसमें परिवार के अन्य लोगों को फोन कर बताया कि बाथरूम में नहाने के दौरान हादसा हुआ माँ पैर फिसलने की वजह से गिर गई और उनकी मौत हो गई. परिवार के सदस्य भागे भागे रांची पहुंचे.
अंतिम प्रक्रिया शुरू की. लेकिन इसी बीच संदेह हुआ जब जनाजे को स्नान कराया जा रहा था. तब महिलाओं ने देखा की कुछ निशान उनके गले पर है. लेकिन किसी ने उस समय कुछ नहीं बोला. फिर अंतिम प्रक्रिया के तहत इस्लामिक रीति रिवाज के साथ सुपुर्द ए खाक कर दिया गया.
लेकिन परिवार के लोगों को शक हो रहा था की कुछ गड़बड़ हुआ है. इतने में बेटीफोन पर किसी से बात कर कर रही थी. तभी फिर पुलिस को सूचना मिली और 28 अप्रैल को यानि चार दिन बाद कब्र से शव को बाहर निकाला. फिर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया. इधर अनुसंधान शुरू किया गया.
जिसमें सीधे नाम उनकी बेटी और प्रेमी के साथ दोस्त का आया. जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया. सिटी एसपी पारास राणा ने प्रस वार्ता किया और पूरी कहानी के बारे में बताया कि कैसे बेटी ही कातिल निकली है. और पूरे मामले से पर्दा कैसे उठा. पुलिस के पास इस केस में कुछ सबूत नहीं था. लेकिन परिजन के आरोप के मुताबिक ही कब्र से शव निकालने की फैसला लिया गया. जिसके बाद शक यकीन में बदल गया. जांच में पुलिस ने खून लगा कपड़ा और तकिया समेत कई समान भी जब्त किया है. जिसे सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जाएगा.
लड़की के बॉय फ्रेंड को बिहार के गया जी से गिरफ्तार किया गया है. जबकि लड़की को रांची से ही निरुद्ध कर जेल भेज गया है. इस पूरे केस में डोरंडा थाना प्रभारी दीपिका प्रसाद,केस अनुसंधानकर्ता एसाई आजाद अंसारी ने बड़ी भूमिका निभाई है. जिससे कम समय में जटिल उलझे हुए मामले को सुलझा लिया गया.