रांची (RANCHI): मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में स्कूली शिक्षा को और मजबूत व आधुनिक बनाने के लिए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं. मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षक नियुक्ति और छात्रों को मिलने वाली योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की. उन्होंने साफ कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक संसाधन और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण और पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए.
बैठक में मुख्यमंत्री ने खाली पड़े शिक्षकों के पद जल्द भरने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, लेकिन बाकी रिक्त पदों को भी तेजी से भरा जाए. साथ ही नव नियुक्त शिक्षकों को समय पर वेतन देने और सभी वेरिफिकेशन प्रक्रिया इस महीने के अंत तक पूरी करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने जानकारी दी कि झारखंड में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है और राज्य इस मामले में राष्ट्रीय औसत से बेहतर स्थिति में है. सरकार अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ रही है. मजदूरी या अन्य कार्यों में लगे बच्चों की पहचान कर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने राज्य में CM स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की संख्या बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि अगले 6 से 8 महीने में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी स्कूल सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे न चले. जरूरत पड़ने पर स्थानीय योग्य युवाओं और छात्राओं को भी शिक्षण कार्य से जोड़ा जाए. मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी स्कूलों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने और आईसीटी लैब को दुरुस्त करने का निर्देश दिया. साथ ही जिन स्कूलों का मैट्रिक रिजल्ट कमजोर रहा है, वहां विशेष सुधार योजना लागू करने की बात कही गई.
बैठक में बच्चों को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया. खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है. वहीं वंचित वर्ग के बच्चों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों में बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा देने की दिशा में भी काम होगा. बैठक में रांची के जगुआर कैंपस में प्रस्तावित दिशोम गुरु शिबू सोरेन विद्यालय को लेकर भी प्रस्तुतीकरण दिया गया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर इस परियोजना की डीपीआर तैयार करने का निर्देश दिया. यह विद्यालय शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने के उद्देश्य से बनाया जाएगा.