टीएनपी डेस्क(TNP DESK):हमारे देश में सड़क सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से लगातार लोगों को जागरूक किया जाता है,लेकिन फिर भी लोग इस पर ध्यान नहीं देते है.जिसका नतीजा यह होता है कि सड़क दुर्घटना हो जाती है.हालांकी सड़क दुर्घटना के बाद समय पर इलाज न मिलने की वजह से भी कई लोगों की जान चली जाती है इस स्थिति से बचने के लिए सरकार की ओर से एक नई योजना लाई गई है.सड़क दुर्घटना में घायल लोगों के इलाज के लिए सरकार डेढ़ लाख तक का आर्थिक मदद करेगी ताकि पैसे की वजह से किसी की जान न जाए.
पढ़े कैसे मिलेगा कैशलेस इलाज योजना का लाभ
आपको बता दें कि सरकार की ओर से कई ऐसी सरकारी योजना चलायी जाती है जिसका लाभ देश के करोड़ो लोग उठाते है उनमें से एक योजना कैशलेस इलाज है.दरअसल एक्सीडेंट में जो लोग घायल होते है जरूरी नहीं है कि सभी के पास पैसा हो.ज घायल को लेकर परिवार अस्पताल पहुंचते है तो सबसे पहले प्रबंधन की ओर आपसे पैसे की डिमांड की जाती है लेकिन पैसे के अभाव की वजह से लोगों का इलाज देरी से शुरू होता है जिसकी वजह से उनकी जान भी चली जाती है.इसी से बचने के लिए सरकार ने यह पहल शुरू की है.
सड़क दुर्घटना के 1 घंटे के बाद का समय होता है महत्वपूर्ण
जब भी सड़क दुर्घटना होती है तो उसके बाद के 1 घंटे का समय काफी महत्वपूर्ण होता है.कहा जाता है, इस 1 घंटे के अंदर अगर घायल व्यक्ति को समय पर इलाज नहीं मिलता है तो उसके जान जाने के चांस काफी ज्यादा बढ़ जाते है.जिसको रोकने के लिए सरकार की ओर से यह पहल की गई है ताकि समय पर इलाज मिल सके और लोगों के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाए.वही परिवार वाले और घायल को सरकार की ओर से मिलने वाली मदद की वजह से अब परिवार को पैसे की चिंता भी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
क्या है योजना को लेकर सरकार के नियम और शर्तें
हालांकी इस योजना को लेकर सरकार की ओर से कुछ नियम और शर्तें भी रखी गई है जिसको पूरा करना जरूरी है. इस योजना के तहत हादसे में घायल को डेढ़ लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज सरकार की ओर से करवाया जाएगा जो हादसे की तारीख से 7 दिनों तक लागू रहेगी यानी जिस दिन आपका एक्सीडेंट हुआ है उससे 1 सप्ताह तक आप फ्री में इलाज ले सकते है.योजना की खास बात ये है कि आपका एक्सीडेंट किसी गांव शहर या राज्य की सड़क पर हुआ हो या नेशनल हाईवे पर इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है.किसी भी जगह सड़क दुर्घटना होने पर आपको इस योजना का लाभ मिलेगा.यदि आपको सड़क दुर्घटना में गंभीर चोट आई है तो स्थिति में आपके इलाज को 48 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है, यह पूरा प्रोसेस डिजिटल सिस्टम के जारी रिकॉर्ड और सत्यापित किया जाता है.ताकी पारदर्शिता रहे फर्जी दावा पर रोक लगे.
पढ़े क्या है गोल्डन आवर
सरकार की ओर से गोल्डन आवर यानि एक्सीडेंट के बाद का एक घंटा जो घायल के लिए काफी सेंसिटिव होता है इस 1 घंटे के अंदर अगर आपको समय पर इलाज मिल जाता है तो आपकी जान बच जाती है लेकिन अक्सर यह देखा जाता है कि सड़क दुर्घटना के बाद जब आप घायल को लेकर अस्पताल में पहुंचते है तो कागजी प्रक्रिया शुरू करने और पैसे की मांग की वजह से इलाज में देरी हो जाती है.इसको रोकने के लिए सरकार ने अब इलाज को प्राथमिकता दी है ताकि इलाज में कोई भी देरी न कर सके, इसके साथ ही सभी अस्पतालों को यह दिशा निर्देश दिया गया है कि फ्ले इलाज शुरू किया जाए.
अस्पताल से 112 को भी जोड़ा गया है
सबसे बड़ी बात यह है कि कैशलेस उपचार योजना को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली 112 से भी जोड़ा गया है.अगर अगर कोई भी सड़क पर हादसा होता है तो हादसे में घायल को कोई भी राहगीर कोई मदद कर सकता है और 112 पर कॉल करके उसे सीधा अस्पताल पहुंचा सकता है.एम्बुलेंस और अस्पताल के बीच सरकार ने तालमेल सुनिश्चित किया है ताकि घायल को जितनी जल्दी हो सके अस्पताल पहुंचाया जा सके और इलाज शुरू हो सके.
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