टीनपी डेस्क (TNP DESK): क्या आपने कभी गौर किया है कि जैसे ही मौसम बदलता है, आपके सिर में तेज दर्द होने लगता है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं. दुनिया भर में लाखों लोग माइग्रेन से जूझ रहे हैं. माइग्रेन सिर्फ एक साधारण सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है. बदलते मौसम में इसके मामले अचानक क्यों बढ़ जाते हैं, आज हम इसी पर विस्तार से चर्चा करेंगे.
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि वायुमंडलीय दबाव (Barometric Pressure) में बदलाव माइग्रेन का सबसे बड़ा कारण है. जब मौसम बदलता है, तो हवा के दबाव में असंतुलन पैदा होता है. यह असंतुलन हमारे मस्तिष्क में रसायनों, विशेषकर सेरोटोनिन (Serotonin) के स्तर को प्रभावित करता है. जब सेरोटोनिन का स्तर बिगड़ता है, तो मस्तिष्क की नसें सूज जाती हैं और तेज दर्द शुरू हो जाता है.
बदलते मौसम के प्रमुख ट्रिगर्स पॉइंट्स क्या है?
- भीषण गर्मी और लू
झारखंड और बिहार जैसे राज्यों में गर्मियों में पारा 45 डिग्री तक पहुँच जाता है. तेज धूप और गर्म हवाएं सीधे तौर पर माइग्रेन को ट्रिगर करती हैं. शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन इसका सबसे बड़ा कारण बनता है.
- उमस और पसीना
मानसून के दौरान बढ़ने वाली ह्यूमिडिटी शरीर के तापमान को संतुलित नहीं रहने देती. अत्यधिक पसीना आने से इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जो सिरदर्द को बुलावा देती है.
- ठंडी हवाएं और सर्दी
सर्दियों की शुरुआत में चलने वाली ठंडी हवाएं साइनस को प्रभावित करती हैं. इससे सिर के पिछले हिस्से और कनपटी में तेज दबाव महसूस होता है.
- तेज रोशनी और चमक
बादलों के बीच से निकलने वाली सूरज की तीखी रोशनी आंखों पर दबाव डालती है. फोटोफोबिया (रोशनी से संवेदनशीलता) माइग्रेन का एक प्रमुख लक्षण है.
माइग्रेन के लक्षण क्या हैं?
माइग्रेन को पहचानना जरूरी है ताकि सही समय पर इलाज हो सके. इसमें सिर के एक हिस्से में कसक या धड़कन जैसा दर्द होता है. रोगी को जी मिचलाना या उल्टी महसूस हो सकती है. आवाज और रोशनी से चिड़चिड़ापन होने लगता है. कुछ लोगों को दर्द शुरू होने से पहले आंखों के सामने धुंधलापन या चमकते सितारे दिखाई देते हैं, जिसे 'ऑरा' कहा जाता है.
अब इससे बचाव के जरूरी टिप्स आपको बताते है
- खुद को हाइड्रेटेड रखें
दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पिएं. अगर आप बाहर काम करते हैं, तो ओआरएस (ORS) या नींबू पानी का सेवन करें. पानी की सही मात्रा मस्तिष्क के दबाव को कम रखती है.
- नींद का चक्र सही रखें
अधूरी नींद माइग्रेन की सबसे अच्छी दोस्त है. रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें. सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करें.
- खान-पान पर ध्यान दें
ज्यादा कैफीन, चॉकलेट, पनीर और पैकेट बंद फूड से बचें. ये चीजें माइग्रेन के दर्द को बढ़ा सकती हैं. ताजे फल और हरी सब्जियों को डाइट में शामिल करें.
- धूप से बचाव
जब भी घर से बाहर निकलें, छाते या टोपी का इस्तेमाल करें. अच्छी क्वालिटी का सनग्लास पहनें ताकि आंखों पर सीधा दबाव न पड़े.
- तनाव का प्रबंधन
मानसिक तनाव माइग्रेन को और गंभीर बना देता है. योग, प्राणायाम और ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. गहरी सांस लेने वाले व्यायाम मस्तिष्क को शांत रखते हैं.
घरेलू उपचार (Home Remedies)
अगर दर्द शुरू हो जाए, तो एक अंधेरे और शांत कमरे में लेट जाएं. माथे पर ठंडी पट्टी या बर्फ से सिकाई करें. अदरक वाली चाय का सेवन भी राहत दिला सकता है क्योंकि अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं.
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर आपका सिरदर्द हफ्ते में दो बार से ज्यादा हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें. बाजार में मिलने वाली पेनकिलर्स का अत्यधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है. एक न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लें और सही दवाएं शुरू करें.