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डेंगू, मलेरिया के बाद मच्छरों से वेस्ट नाइल वायरस होने का खतरा, जानें लक्षण और उपाय

BY -
Shivani CE
Shivani CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
Published: July 10, 2024,
Updated: 9:32 PM

टीएनपी डेस्क(TNPDESK) : बारिश के दिनों में मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में मच्छरों के कारण कई बीमारियां भी हो सकती है. वहीं, डेंगू, मलेरिया के बाद अब मच्छरों से नए संक्रमण के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है. जिसे वेस्ट नाइल वायरस का नाम दिया गया है. इस वेस्ट नाइल वायरस के चपेट में केवल भारत ही नहीं बल्कि इजरायल भी है. भारत के केरल में इस वायरस के कई मामले सामने आए हैं. वहीं, इजरायल में भी इस वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. हेल्थ एक्स्पर्ट्स का कहना है कि, वेस्ट नाइल वायरस मच्छरों में होने वाला एक विषाणु संक्रमण है. इससे संक्रमित मच्छरों के काटने से इंसानों में वेस्ट नाइल वायरस हो जाता है. साथ ही यह वायरस पंछियों, घोड़ों और कुछ अन्य जीवों को भी हो सकता है. यह संक्रमण जानलेवा बीमारियों का कारण भी हो सकता है. ऐसे में इस वायरस को लेकर लोगों को सावधानी बरतनी जरूरी है.

क्या है वेस्ट नाइल वायरस

इस वायरस की पहचान 1937 में पहली बार हुई थी. यह मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलता है. आमतौर पर यह नॉर्थ अमेरिका, मध्य ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, व वेस्ट एशिया में पाया जाता है. इससे संक्रमित मच्छरों के काटने से लोगों में फ्लू जैसे लक्षण जैसे बुखार, गले में दर्द व खराश, पेट दर्द, उलटी-दस्त, रैशेज व सूजन नजर आने लगते हैं.  दुर्लभ मामलों में यह घातक भी हो सकता है और आपके मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी को प्रभावित कर सकता है.

वेस्ट नाइल वायरस के लक्षण

वेस्ट नाइल वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों में कोई लक्षण विकसित नहीं होते हैं, जबकि लगभग 5 में से 1 व्यक्ति में हल्के फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं. जैसे बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, जोड़ों में दर्द, उल्टी, दस्त या चकत्ते जैसे फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं.

दुर्लभ मामलों में, वायरस मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे एन्सेफेलाइटिस या मेनिन्जाइटिस जैसी जानलेवा स्थितियां हो सकती हैं.

गंभीर मामलों में, व्यक्तियों में न्यूरोलॉजिकल लक्षण विकसित हो सकते हैं जैसे गर्दन की जकड़न, भटकाव, कंपन, मांसपेशियों की कमजोरी, दौरे या पक्षाघात.

वेस्ट नाइल वायरस के कारण

इस संक्रमण का प्राथमिक कारण संक्रमित मच्छरों का काटना है.  हालांकि, आमतौर पर मच्छरों को यह संक्रमण संक्रमित पक्षियों को काटकर होता है. जिसके बाद संक्रमित मच्छर के काटने से मनुष्य इस वायरस को प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन यह सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में संक्रामक नहीं होता है.

किन्हें खतरा ज्यादा

वैसे तो इस वायरस से सभी को बचने की आवश्यकता है. लेकिन उम्रदराज यानि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इससे खतरा ज्यादा हो सकता है. साथ ही बच्चे या कमजोर इम्यूनिटी, डायबिटीज, या किसी बीमारी से पीड़ित लोगों में भी इस वायरस के फैलने का खतरा हो सकता है.

वेस्ट नाइल वायरस से बचाव के उपाय

रुके हुए पानी को खत्म करें : अपने घर के आसपास किसी भी रुके हुए जल स्रोतों, जैसे फूलों के गमलों, पक्षी स्नानघरों, पालतू जानवरों के पानी के बर्तनों या फेंके गए टायरों में पानी जमा कर न रखें. क्योंकि मच्छर रुके हुए पानी में पनपते हैं, इसलिए उनके प्रजनन स्थल को खत्म करने से उनकी संख्या में काफी कमी आ सकती है.

मच्छर भगाने वाली दवा का प्रयोग करें : अपनी खुली त्वचा और कपड़ों पर ओडोमोस, DEET, पिकारिडिन, IR3535, या नींबू युक्त नीलगिरी के तेल वाले EPA-अनुमोदित मच्छर भगाने वाली दवा का प्रयोग करें. उत्पाद निर्देशों का पालन करें और आवश्यकतानुसार इसे दोबारा लगाएं.

सुरक्षात्मक कपड़े पहनें : बाहर जाने पर, खासकर मच्छरों के सबसे अधिक सक्रिय समय (भोर और शाम) के दौरान, पूरी बाजू की शर्ट, पूरी पैंट, मोज़े और जूते पहनें ताकि खुली त्वचा कम से कम हो और मच्छरों के काटने को कम किया जा सके.

खिड़की के जालों को लगाएं या ठीक करें : सुनिश्चित करें कि सभी खिड़कियों और दरवाजों पर बिना छेद या दरार वाले जाल लगे हों ताकि मच्छर आपके घर में न आ सकें.

मच्छरों के सबसे ज्यादा सक्रिय होने के समय बाहरी जोखिम को कम करें: बाहर बिताए जाने वाले समय को सीमित करें, खासकर भोर और शाम के समय जब मच्छर सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं. यदि आपको बाहर रहना ही है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें जैसे मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करना और सुरक्षात्मक कपड़े पहनना.

अपने आसपास को साफ रखें: गटर, नालियों और खाइयों सहित, जमा होने वाले मलबे को रोकने के लिए अपने आसपास की जगह को नियमित रूप से साफ और बनाए रखें जो पानी को रोक सकता है.

मच्छर नियंत्रण प्रयासों का समर्थन करें: सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्कों, खेल के मैदानों और निर्माण स्थलों में स्थिर पानी के स्रोतों को हटा दें या अपने स्थानीय अधिकारियों को रिपोर्ट करें ताकि मच्छर नियंत्रण प्रयासों में सहायता मिल सके.

यात्रा करते समय अपनी रक्षा करें: यदि आप वेस्ट नाइल वायरस गतिविधि वाले क्षेत्र की यात्रा कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप मच्छर से बचाव के लिए स्थानीय सिफारिशों का पालन करें, कीट विकर्षक का उपयोग करें और मच्छर के काटने से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतें.

खुद को और दूसरों को शिक्षित करें: वेस्ट नाइल वायरस और इसके रोकथाम के तरीकों के बारे में जानकारी रखें. इस ज्ञान को परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ साझा करें ताकि जागरूकता बढ़ाई जा सके और आपके समुदाय में सक्रिय रोकथाम उपायों को प्रोत्साहित किया जा सके.

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