टीएनपी डेस्क (TNP DESK): देशभर में आयोजित NEET 2026 परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई, लेकिन परीक्षा खत्म होते ही छात्रों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया फिजिक्स का पेपर. अधिकांश अभ्यर्थियों ने इसे अपेक्षा से कठिन बताया, जिससे उनकी धड़कनें तेज हो गईं. हालांकि, कुल मिलाकर परीक्षा को मध्यम स्तर का माना जा रहा है.
परीक्षा केंद्रों पर इस बार बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए. जैसे ही परीक्षा समाप्त हुई, केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई पेपर के स्तर, संभावित स्कोर और कटऑफ को लेकर अपनी-अपनी राय साझा करता नजर आया. छात्रों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिजिक्स सेक्शन को लेकर रही, जिसने कई परीक्षार्थियों को उलझन में डाल दिया.
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा का पैटर्न संतुलित था और सिलेबस के दायरे में ही प्रश्न पूछे गए थे. यह छात्रों के लिए राहत की बात रही कि कोई भी सवाल पाठ्यक्रम से बाहर नहीं था. इसके बावजूद फिजिक्स के कुछ प्रश्न ऐसे थे, जिनमें गहराई से सोचने की जरूरत पड़ी. यही वजह रही कि कई छात्रों को समय प्रबंधन में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा.
छात्रों के अनुमान के मुताबिक, इस बार मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए कटऑफ 350 अंक से ऊपर जा सकती है. हालांकि यह सिर्फ शुरुआती आकलन है और वास्तविक कटऑफ परीक्षा के समग्र प्रदर्शन पर निर्भर करेगी. कुछ छात्रों का मानना है कि प्रतियोगिता इस बार काफी कड़ी रही है, इसलिए अच्छे अंक लाना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.
प्रश्नपत्र की संरचना की बात करें तो कुल 180 प्रश्न पूछे गए थे. इसमें बायोलॉजी से 90 सवाल, जबकि फिजिक्स और केमिस्ट्री से 45-45 प्रश्न शामिल थे. कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए अंतिम दिनों में काफी मेहनत की. एक अभ्यर्थी ने कहा कि उसने पिछले एक महीने तक रोजाना 14 से 15 घंटे पढ़ाई की, ताकि बेहतर प्रदर्शन कर सके.
हालांकि सभी छात्रों का अनुभव एक जैसा नहीं रहा. कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान और संतुलित बताया, तो वहीं कई के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित हुआ. छात्रा सृष्टि ने कहा कि उनके लिए परीक्षा उम्मीद से ज्यादा कठिन रही. उन्होंने बताया कि फिजिक्स और बायोलॉजी दोनों ही सेक्शन लंबे थे, जिसके कारण समय का सही प्रबंधन करना मुश्किल हो गया. सृष्टि ग्रेजुएशन के साथ-साथ रोजाना 6 से 7 घंटे पढ़ाई कर रही थीं.
अब परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्रों की नजरें आंसर की, रिजल्ट और आधिकारिक कटऑफ पर टिकी हुई हैं. आने वाले समय में यह साफ हो पाएगा कि किस स्तर का प्रदर्शन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए पर्याप्त होगा. फिलहाल, छात्रों के बीच उत्साह और चिंता दोनों का माहौल बना हुआ है.