टीएनपी डेस्क (TNP DESK): JEE Advanced 2026 की परीक्षा खत्म होते ही अब असली जंग शुरू हो चुकी है — देश के सबसे प्रतिष्ठित IIT में सीट हासिल करने की जंग. हर टॉपर की नजर कंप्यूटर साइंस ब्रांच पर टिकी है, लेकिन सबसे बड़ा कन्फ्यूजन IIT बॉम्बे और IIT मद्रास को लेकर बना रहता है. एक तरफ IIT बॉम्बे का जबरदस्त क्रेज और हाई पैकेज का रिकॉर्ड है, तो दूसरी ओर IIT मद्रास लगातार NIRF रैंकिंग में देश का नंबर-1 इंजीनियरिंग संस्थान बना हुआ है. ऐसे में JoSAA काउंसलिंग से पहले यह समझना बेहद जरूरी हो जाता है कि आखिर किस IIT में CSE के लिए ज्यादा टक्कर है, कहां कटऑफ ज्यादा हाई जाती है और आपकी रैंक पर कौन सा संस्थान बेहतर विकल्प साबित हो सकता है.
जोसा काउंसलिंग शुरू होने से पहले पिछले साल यानी 2025 के राउंड-1 कटऑफ को समझना बेहद जरूरी हो जाता है. इससे छात्रों को अपनी रैंक के अनुसार सही चॉइस फिलिंग करने में मदद मिलती है. दरअसल, किसी भी कॉलेज की ओपनिंग रैंक उस पहली रैंक को कहा जाता है, जहां से एडमिशन प्रक्रिया शुरू होती है, जबकि क्लोजिंग रैंक वह अंतिम रैंक होती है, जहां तक सीटें भर जाती हैं. यदि किसी छात्र की रैंक क्लोजिंग रैंक से पीछे है, तो उस ब्रांच में सीट मिलने की संभावना काफी कम हो जाती है.
अगर एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग की बात करें, तो 2025 में IIT मद्रास ने इंजीनियरिंग कैटेगरी में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है. वहीं IIT बॉम्बे लगातार टॉप-3 संस्थानों में अपनी जगह बनाए हुए है. हालांकि रैंकिंग के बावजूद कंप्यूटर साइंस ब्रांच के लिए IIT बॉम्बे का क्रेज छात्रों के बीच अलग ही स्तर पर देखने को मिलता है. जोसा 2025 के आंकड़ों के अनुसार IIT बॉम्बे में जनरल कैटेगरी के छात्रों के लिए CSE की क्लोजिंग रैंक 66 रही थी. वहीं EWS के लिए यह 20, OBC-NCL के लिए 24, SC के लिए 31 और ST वर्ग के लिए 19 तक गई थी. लड़कियों के लिए जनरल फीमेल कैटेगरी में क्लोजिंग रैंक 296 दर्ज की गई थी. इससे साफ है कि IIT बॉम्बे में CSE सीट हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है और यहां केवल टॉप रैंकर्स ही पहुंच पाते हैं.
दूसरी ओर IIT मद्रास में कंप्यूटर साइंस के लिए थोड़ी राहत देखने को मिलती है. यहां जनरल कैटेगरी की क्लोजिंग रैंक 171 तक गई थी. वहीं EWS के लिए 29, OBC-NCL के लिए 28, SC के लिए 43 और ST के लिए 28 तक सीटें गईं. लड़कियों के लिए जनरल फीमेल कैटेगरी में क्लोजिंग रैंक 805 तक पहुंची थी. इसका मतलब यह है कि IIT मद्रास में भी प्रतिस्पर्धा काफी कठिन है, लेकिन IIT बॉम्बे की तुलना में छात्रों को थोड़ा ज्यादा मौका मिल जाता है.
दोनों संस्थानों के आंकड़ों की तुलना करें तो यह साफ दिखाई देता है कि IIT बॉम्बे में कंप्यूटर साइंस के लिए मुकाबला ज्यादा टफ है. टॉप 100 रैंकर्स में अधिकांश छात्र IIT बॉम्बे को पहली प्राथमिकता देते हैं. हालांकि IIT मद्रास भी रिसर्च, अकादमिक माहौल और प्लेसमेंट के मामले में किसी से कम नहीं है.
जोसा काउंसलिंग 2026 में शामिल होने वाले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सिर्फ एक संस्थान पर निर्भर न रहें. हर साल परीक्षा के कठिनाई स्तर और छात्रों की पसंद के आधार पर कटऑफ में बदलाव होता है. इसलिए अपनी रैंक के हिसाब से IIT बॉम्बे और IIT मद्रास दोनों को समझदारी से चॉइस फिलिंग में शामिल करें और आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार नजर बनाए रखें.