पटना (PATNA) : बिहार की राजधानी पटना में आज श्रम कानूनों के विरोध में विभिन्न ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया. आल इंडिया कांग्रेस ट्रेड यूनियन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. इस प्रदर्शन में किसान महासभा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया.
मजदूर विरोधी कानून वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन
मजदूर विरोधी कानून वापस लो प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों को श्रमिक विरोधी बताते हुए उन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की. नेताओं का कहना था कि कोरोना काल के दौरान लाए गए ये कानून मजदूरों के हित में नहीं हैं बल्कि इससे श्रमिकों को भारी नुकसान हो रहा है. आंदोलन कर रहे नेताओं ने आरोप लगाया कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से काम के घंटे, वेतन सुरक्षा और नौकरी की स्थिरता जैसे मुद्दों पर श्रमिकों की स्थिति कमजोर हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन कानूनों पर पुनर्विचार करना चाहिए.
मांग नहीं माने जाने पर देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो देशभर में मजदूर यूनियन बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे. उन्होंने साफ कहा कि श्रम कानूनों को लेकर सरकार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी और मजदूर अपने अधिकारों के लिए सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ेंगे. इस प्रदर्शन के दौरान पटना के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ और पुलिस प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा.