पटना(PATNA): बिहार में सत्ता की चासनी में डुबकी लगा रहे जनता दल यूनाइटेड के लिए इन दिनों उन्हीं के पार्टी के संसदीय बोर्ड के चेयरमैन उपेंद्र कुशवाहा सर दर्द बन गए हैं. जिसका मजा अब भारतीय जनता पार्टी लेने लगी है. बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी के नेता विजय कुमार सिन्हा नें उपेंद्र कुशवाहा की उस बयान का समर्थन करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से पूछा है कि बिहार में राजनीतिक अस्थिरता का दौर चरम पर है और राजनीतिक सरता लाने वाले जो भी योद्धा रहे हैं या बिहार की जनता के जनादेश के साथ अपमान कर रहे हैं बिहार के लोगों को भ्रम में डालकर अपनी सत्ता के स्वार्थ के साथ ही प्रशासनिक अराजकता के माध्यम से भ्रष्टाचार को पहुंचा रहे हैं चरम पर पहुंचा रहे हैं
यह सत्ता भ्रष्टाचार के लिए बना है. यह सत्ता कोई सिद्धांत के लिए नहीं यह सत्ता कोई सेवा के भाव के लिए नहीं बना है. उन्होंने कहा है कि महागठबंधन की सरकार में अनिश्चितता बनी हुई है. उससे राज्य में अराजक स्थिति उत्पन्न हो गई है.
उन्होंने कहा कि राजद और जदयू का मिलन स्वार्थ और महत्वाकांक्षी की पूर्ति के लिए हुआ है. एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री बनना था और दूसरे को मुख्यमंत्री बनना था. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए यह डील हुआ था. उपेंद्र कुशवाहा कभी-कभी सच बोल देते हैं लेकिन यह भी पूरी सच नहीं बोल पाते हैं. जब स्वार्थ का गठबंधन होता है , तो यह महागठबंधन ही महा ठग बंधन कहलाता है.