पटना (PATNA) : बिहार की सियासत में अनुशासन और सख्ती को लेकर बड़ा संदेश सामने आया है. जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) ने अपने ही दो नेताओं पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है. जब सभी राजनीतिक दल अपनी छवि और संगठनात्मक मजबूती को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं.
जदयू ने दो नेताओं को किया बाहर
जानकारी के अनुसार जिन दो नेताओं पर यह कार्रवाई की गई है उन्होंने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोतने की घटना को अंजाम दिया था. इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जदयू नेतृत्व ने त्वरित निर्णय लिया और पटना के अभय पटेल व एस.के. सुमन की प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी. साथ ही दोनों नेताओं को आगामी तीन वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है.
अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस
पार्टी का यह कदम स्पष्ट करता है कि जदयू किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता या विवादित गतिविधियों को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल आंतरिक अनुशासन बनाए रखने के लिए ही नहीं बल्कि जनता के बीच एक सशक्त संदेश देने के लिए भी की गई है कि पार्टी अपने सिद्धांतों और मर्यादाओं से समझौता नहीं करेगी.
बिहार की राजनीति में इस फैसले को एक अहम संकेत के रूप में देखा जा रहा है. आने वाले चुनावी माहौल को ध्यान में रखते हुए यह कदम अन्य दलों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है जहां संगठनात्मक अनुशासन और जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखा जा रहा है.