✕
  • News Update
  • Trending
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • Health Post
  • Foodly Post
  • TNP Special Stories
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Know Your MLA
  • Art & Culture
  • Tour & Travel
  • Local News
  • Special Stories
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • covid -19
  • LS Election 2024
  • TNP Explainer
  • International
  • Blogs
  • Education & Job
  • Special Story
  • Religion
  • Top News
  • Latest News
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • YouTube
☰
  1. Home
  2. /
  3. Bihar

ये है बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था! घंटों अस्पताल के बेड पर दर्द से छटपटाती रही महिला, लेकिन नहीं आया कोई डॉक्टर, तब थक हारकर परिजनों ने उठाया ये कदम    

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 11, 2026, 9:06:07 AM

कैमूर(KAIMUR):बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था किसी से भी छुपी नहीं है, यहां सरकारी अस्पताल में मरीजों को लेकर डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन का क्रुर रवैया आये दिन हमे देखने को मिलता है, लेकिन बावजूद इसके इसको सुधारने के लिए सरकार की ओर से जो भी कदम उठाये जाते है, वो हमें जमीनी तौर पर नहीं दिखते है, जिसका परिणाम होता है, कि गरीब लोग जो अपना इलाज प्राईवेट अस्पताल में नहीं करवा पाते है, उनको इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है, एक ऐसा ही ताजा मामला बिहार कैमूर जिले से सामने आया है, जहां दर्द से मरीज तड़पता रहा लेकिन सरकारी अस्पताल के ट्रामा सेंटर में ना तो उसे एंबुलेंस मिला, ना ही समय पर डॉक्टर मिले.वहीं परिजनों ने तड़पते मरीज को टेंपो से निजी क्लीनिक ले गये.   

 घंटों अस्पताल के बेड पर दर्द से छटपटाती रही महिला, लेकिन नहीं आया कोई डॉक्टर

   आपको बताये कि ये पूरा मामला कैमुर जिले का मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल का है, ये अस्पताल अक्सर अपनी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रहता है. जानकारी के मुताबिक मोहनिया प्रखंड के लहुरबारी गांव का रहने वाला मुकेश कुमार अपनी मां प्रमिला देवी बुधवार की दोपहर इलाज के लिए मोहनिया के अनुमंडलीय अस्पताल में लेकर आया, इस दौरान उसकी मां की तबीयत काफी खराब थी, 2 घंटे तक अस्पताल के बेड पर पड़े प्रमिला देवी छटपटाती रही लेकिन इलाज के लिए कोई डॉक्टर अनुमंडलीय अस्पताल के ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी वार्ड में मौजूद नहीं रहा, थक हारकर मुकेश कुमार ने कैमूर जिलाधिकारी सावन कुमार को फोन किया जिस पर जिलाधिकारी ने तत्काल मदद मुहैया कराने की बात कही, लेकिन कुछ देर बीत जाने के बाद भी जब डॉक्टर इमरजेंसी वार्ड में नहीं पहुंचे तो मजबूरन अपने निजी वाहन से अपनी मां को इलाज के लिए मोहनिया के निजी क्लिनिक में ले गया. 

डीएम साहब से भी बात करने पर भी कोई डॉक्टर नहीं आया

 मरीज के परिजन मुकेश कुमार ने बताया कि 2 घंटे से पहले मां को लेकर अस्पताल में आया लेकिन अस्पताल में ना कोई डॉक्टर है ना ही कोई इलाज हो रहा है, उसकी मां दर्द से छटपटा रही है सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए होता है, लेकिन हम लोगों की यहां कोई नहीं सुन रहा है, डीएम साहब से भी बात की लेकिन उसके बाद भी कोई डॉक्टर नहीं आया.इस संबंध में जानकारी देते हुए ट्रामा सेंटर में तैनात नर्सिंग स्टाफ सूर्यभान ने बताया कि जिस डॉक्टर की ड्यूटी 2:00 बजे से थी वह नहीं आए हैं हमने सभी को सूचना दे दिया है लेकिन अभी तक कोई नहीं आया. 

Tags:health system of Biharhealth systemwoman kept writhing in pain on the hospital bed for hoursbut no doctor cameMohania Sub-Divisional HospitalMohania Sub-Divisional Hospital bihargoverment hospital in biharnitish kumarbiharbihar newsbihar news todaykaimurkaimur newskaimur news today

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.