पटना : कल हुए विधान परिषद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राबड़ी देवी के बीच तीखी नोंकझोंक और महिलाओं पर हो रहे आपराधिक घटनाओं के विरोध में आज बिहार विधान परिषद के बाहर राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया. इस दौरान राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री हमारे राज्य के मुख्यमंत्री हैं लेकिन हाल के दिनों में उनके आचरण और भाषा को देखकर गंभीर चिंता पैदा होती है.
कभी किसी का नक़ाब उतरवाने की बात होती है कभी किसी की टोपी उतरवाने जैसी टिप्पणियां की जाती हैं. अब बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जो राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री भी रह चुकी है.उनके बारे में जिस तरह की अमर्यादित और असंगत भाषा का प्रयोग किया गया वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
इस तरह की छोटी और व्यक्तिगत टिप्पणियां उस गरिमा के अनुरूप नहीं हैं जिसकी अपेक्षा नीतीश कुमार जैसे वरिष्ठ और अनुभवी राजनेता से की जाती रही है. ऐसे बयान यह संकेत देते हैं कि मुख्यमंत्री जी अपने पद की मर्यादा और जिम्मेदारी से भटकते नज़र आ रहे हैं. यह न तो राज्य के हित में है और न ही लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल.
राज्य के मुख्यमंत्री से अपेक्षा होती है कि वे संयम संतुलन और गरिमा का परिचय दें. अगर ऐसा लगातार नहीं हो पा रहा है तो यह विषय सरकार और सत्तारूढ़ दल के लिए आत्ममंथन का विषय होना चाहिए. बिहार की जनता एक स्थिर संवेदनशील और मर्यादित नेतृत्व चाहती है. मुख्यमंत्री पद की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि सरकार इस स्थिति पर गंभीरता से विचार करे.
