धनबाद(DHANBAD) | बिहार में एनडीए में यह सब क्या हो रहा है? एनडीए में शामिल दल एक दूसरे के नेताओं को तोड़ने में लगे हुए है . दरअसल, चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के कई नेताओं को उपेंद्र कुशवाहा ने अपने दल में शामिल करा लिया है. जानकारी के अनुसार चिराग पासवान की पार्टी के कई बड़े नेताओं की एंट्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में हुई है. उपेंद्र कुशवाहा ने इन सभी नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई है. सबसे चर्चित नाम लोजपा के मुख्य प्रवक्ता रहे एके वाजपेई का बताया जा रहा है. उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि इन नेताओं के पार्टी से जुड़ने से राष्ट्रीय लोक मोर्चा मजबूत होगा. यह बताने की जरूरत नहीं है कि चिराग पासवान की पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी दोनों ही एनडीए का हिस्सा है.
उपेंद्र कुशवाहा सफाई दिए हैं कि पार्टी के लोग खुद छोड़कर आए है. दरअसल, बिना विधायक, विधान पार्षद के बेटे को मंत्री बनाने के बाद से ही उपेंद्र कुशवाहा विपक्षियों के निशाने पर है. जब विवाद बहुत बढ़ गया तो उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की एक पुरानी बात का जिक्र करते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था कि- कभी-कभी बड़ों द्वारा कही गई बातों को याद रखना चाहिए. आज न जाने क्यों ,बड़े भाई नीतीश जी की पुरानी बात याद आ गई. सोचा आपसे शेयर करू. कभी नीतीश जी ने कहा था कि खाना खाते वक्त मक्खियां भिनभिनायेंगी , चिंता मत कीजिए- बाए हाथ से भगाते रहिए, दाहिने हाथ से खाते रहिये. यह बात उन्होंने तब कही थी जब बेटे को मंत्री बनाने के बाद उन पर हमला तेज हुआ था.
वैसे भी बेटे को मंत्री बनाने के बाद उनकी पार्टी में अशंतोष है. फिर अपनी पार्टी में चिराग पासवान के दल के लोगों को तोड़कर मिलाने का क्या मतलब हो सकता है. उपेंद्र कुशवाहा का अगला कदम क्या होगा, इसको लेकर बिहार की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है. इधर, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में टूट का भी खतरा है. उनके विधायक रामेश्वर महतो ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि राजनीति में सफलता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सच्ची नियत और नीति से मिलती है. उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को मंत्री बनाने पर अभी भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. उपेंद्र कुशवाहा खुद राज्यसभा के सांसद है. उनकी पत्नी स्नेहलता कुशवाहा हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में सासाराम सीट से विधायक बनी है,
उम्मीद की जा रही थी कि नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी मंत्री बनेगी, लेकिन शपथ उनके बेटे दीपक प्रकाश ने लिया . दीपक प्रकाश को बिहार का पंचायती राज विभाग मिला है. हालांकि दीपक प्रकाश अभी ना तो बिहार विधानसभा के सदस्य हैं और ना विधान परिषद के. बिहार विधानसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली पार्टी 6 में से चार सीट जीती थी. इन चार विधायकों को दर किनार कर दीपक प्रकाश को मंत्री बनाया गया. इससे पार्टी में असंतोष पैदा हो गया है. कई नेताओं ने इस्तीफा भी दे दिया था. इधर फिर उपेंद्र कुशवाहा चिराग पासवान के दल के लोगों को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कराया है. अब आगे चिराग पासवान का क्या-क्या कदम होगा, यह देखने वाली बात होगी.
रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो
