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बैंक का विश्वसनीय एजेंट ही निकला करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड, नकली सोना को असली बताकर करता था फर्जीवाड़ा, इस तरह हुआ खुलासा

BY -
Priyanka Kumari CE
Priyanka Kumari CE
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: January 14, 2026, 1:19:22 AM

मुजफ्फरपुर(MUJAFFARPUR):मुज़फ्फरपुर में बैंक का सोना चेक करनेवाले सोनार ने ग्राहकों से मिलकर करोड़ों की धोखाधड़ी पकड़ की है, इस मामले में पुलिस ने उसे जेले भेज दिया है.आरोपी सोनार पर अभी तक कुल 26 मामले दर्ज है. पूरा मामला सरकारी बैंक से जुड़ा है जिसमे एक बैंक से जुड़े सोना चेक करनेवाले व्यक्ति ने गोल्ड लोन लेनेवाले ग्राहकों के साथ समझौता कर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया.

मामले में आरोपी गिरफ्तार

दरअसल गोल्ड लोन के नाम पर बैंकों से ठगी करने वाला मास्टरमाइंड बैंक का विश्वसनीय एजेंट  है. जहां बैंकों से ठगी करनेवाले गिरोह का पर्दाफाश  करते हुए पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सोनार भोला प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया है.बैंक में गिरवी रखा जानेवाला सोना असली है या नकली यह चेक करनेवाला व्यक्ति भोला प्रसाद नकली आभूषणों को असली बताकर बैंकों से मोटी रकम लोन दिलवाने और फिर रकम लेकर फरार होने की साजिश करता था.

ग्राहकों से मिलकर की करोड़ों की धोखाधड़ी

आपको बताये कि भोला प्रसाद पर मुज़फ्फरपुर नगर थाना में पिछले साल दर्ज कांड संख्या-419/24 के अनुसार, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, अखाड़ाघाट शाखा के प्रबंधक अखिलेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी और कहा था  कि अहलादपुर निवासी राम कुमार ने सोने के आभूषण गिरवी रखकर 1.44 लाख रुपए का लोन लिया था.बैंक की प्रक्रिया के तहत आभूषणों की शुद्धता की जांच के लिए सूचीबद्ध सोनार भोला प्रसाद को जिम्मेदारी दी गई. भोला ने इन गहनों को 100% शुद्ध बताकर लोन स्वीकृत करा दिया, लेकिन जब राम कुमार ने समय पर लोन नहीं चुकाया, तो बैंक ने आभूषणों को नीलामी की प्रक्रिया में डालने के लिए दोबारा मूल्यांकन कराया. इस बार जांच करने वाले सुनारों ने चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की.गिरवी रखे गए आभूषण नकली थे.

मामले की जांच में जुटी पुलिस

 बैंक को बड़ा झटका लगा और मामला कोर्ट से तुरंत पुलिस को सौंपा गया.कांटी थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर रोड न.2 निवासी भोला प्रसाद सिर्फ एक सुनार नहीं था, बल्कि संगठित अपराध का हिस्सा था. वर्षों से वह बैंकों में सोने की शुद्धता जांचने वाले व्यक्ति के रूप में काम कर रहा था.इस दौरान उसने कई बार गहनों की फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार कर बैंकों से लोन दिलवाया.फिर लोन लेने वाले लोग रकम लेकर फरार हो जाते और जब बैंक उनकी गिरवी रखी ज्वेलरी को बेचने जाते, तो वह नकली निकलती. नगर पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी के बाद भोला प्रसाद को अहियापुर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया भोला कई बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो चुका था.नगर एसडीपीओ सीमा देवी ने बताया कि भोला के खिलाफ नगर थाना में 18 और मुशहरी में 8 मामले दर्ज हैं.

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