☰
✕
  • Jharkhand
  • Bihar
  • Politics
  • Business
  • Sports
  • National
  • Crime Post
  • Life Style
  • TNP Special Stories
  • Health Post
  • Foodly Post
  • Big Stories
  • Know your Neta ji
  • Entertainment
  • Art & Culture
  • Know Your MLA
  • Lok Sabha Chunav 2024
  • Local News
  • Tour & Travel
  • TNP Photo
  • Techno Post
  • Special Stories
  • LS Election 2024
  • covid -19
  • TNP Explainer
  • Blogs
  • Trending
  • Education & Job
  • News Update
  • Special Story
  • Religion
  • YouTube
  1. Home
  2. /
  3. Bihar

तो क्या झूठ बोल रहे है सीएम नीतीश कुमार! जानिए सुशील मोदी ने क्या खुलासा किया

तो क्या झूठ बोल रहे है सीएम नीतीश कुमार! जानिए सुशील मोदी ने क्या खुलासा किया

बिहार(BIHAR): पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने बिहार सरकार के इस बयान को चुनौती दी कि बिहार में पहले से गठित अतिपिछड़ा वर्ग आयोग को विशेष आयोग का दर्जा मध्यप्रदेश की तर्ज पर दिया गया है.

आखिर रिपोर्ट सार्वजनिक न करने का क्या है कारण?

मोदी ने कहा कि निकाय चुनाव में पिछड़ों को आरक्षण देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने 2 सितम्बर 2021को नया आयोग गठित कर दिया था, जिसने पिछड़े वर्गों के आरक्षण और चुनाव संबंधी मामलों का अध्ययन कर रिपोर्ट दी. मोदी ने कहा कि अगर मध्यप्रदेश की तर्ज पर काम करने का दावा बिहार सरकार कर रही है, तो बिहार राज्य अतिपिछड़ा वर्ग आयोग ने निकाय चुनाव और आरक्षण संबंधी मामलों में अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की? 
 MP ने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी फिर बिहार क्यों नही : सुशील
मध्यप्रदेश के विशेष आयोग ने तो अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक की और हाईकोर्ट को भी सौंपी. मोदी ने कहा कि मध्यप्रदेश में पुरानी चुनाव प्रक्रिया को रद कर नये सिरे से निकाय चुनाव कराये गए, जबकि बिहार सरकार पुराने नामांकन पर ही चुनाव करा लेना चाहती है. उन्होंने कहा कि  जब मध्यप्रदेश में पिछड़ों को 35 फीसद आरक्षण दिया गया है, तब बिहार में इसे 20 फीसद ही क्यों रखा गया?

अतिपिछड़ों का आरक्षण बढ़ाने के पक्ष में है भाजपा

 मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार अतिपिछड़ों को आरक्षण नहीं देना चाहते, इसलिए जानबूझ कर ऐसे फैसले कर रहे हैं, जिससे कानूनी पेंच फँसे और हाईकोर्ट को फिर निकाय चुनाव में हस्तक्षेप का मौका मिले. 
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के विशेष आयोग ने 82 सामाजिक संगठनों के ज्ञापन और 1000 से ज्यादा ईमेल पर प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करने में पांच महीने लगाये, जबकि बिहार सरकार के अतिपिछड़ा वर्ग आयोग ने सामाजिक संगठनों और जनता से व्यापक संवाद स्थापित किये बिना जल्दबाजी में रिपोर्ट तैयार कर दी। इस रिपोर्ट को सरकार गोपनीय क्यों रखना चाहती है?

Published at:04 Dec 2022 09:26 PM (IST)
Tags:The news postbihar newssushil modibjpjdurjd
  • YouTube

© Copyrights 2023 CH9 Internet Media Pvt. Ltd. All rights reserved.