Patna : भवन निर्माण विभाग के सचिव ने मंगलवार को विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. इस महत्वपूर्ण बैठक में विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा क्षेत्रीय इंजीनियरों ने हिस्सा लिया, बैठक का मुख्य फोकस विभाग द्वारा संचालित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, वित्तीय अनुशासन और खासतौर पर गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक मजबूत बनाने पर रहा.
परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक की शुरुआत में सचिव ने विभाग की सभी चालू और पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट का गहन अवलोकन किया. रिपोर्ट में स्कूल भवन, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, आवासीय योजनाएं, सड़कें और पुल निर्माण जैसी प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई.
समीक्षा के दौरान कुछ परियोजनाओं में समयबद्धता की कमी और गुणवत्ता मानकों में लापरवाही पाए जाने पर सचिव ने गहरी नाराजगी व्यक्त की.
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“सरकार जनता के हित में इन निर्माण कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. ऐसे में गुणवत्ता से कोई भी खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जो ठेकेदार घटिया सामग्री का उपयोग करेंगे या मानकों से समझौता करेंगे, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
घटिया सामग्री पर ठेका रद्द और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
सचिव ने ठेकेदारों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी परियोजना में सीमेंट, स्टील, बालू या अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट नकारात्मक पाई गई तो न केवल ठेका तुरंत रद्द किया जाएगा, बल्कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी कर दिया जाएगा.
इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी और भविष्य में किसी भी नई टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
उन्होंने जोर देकर कहा कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है और कमजोर निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है.
निरीक्षण और गुणवत्ता जांच को लेकर सख्त निर्देश
बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हर निर्माण स्थल पर नियमित निरीक्षण बढ़ाया जाए. गुणवत्ता नियंत्रण कक्ष को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और हर महीने गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए.
सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि भविष्य में टेंडर चयन की प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाए. केवल सबसे कम दर वाले ठेकेदार को नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पिछले कार्य अनुभव और विश्वसनीयता के आधार पर ही ठेका दिया जाएगा.
डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी परियोजनाओं में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे.
अच्छा काम करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित करने की भी बात कही गई ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे और विभाग की छवि मजबूत हो.
गुणवत्ता पर विशेष जोर
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समीक्षा बैठक नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती है, लेकिन इस बार गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया क्योंकि हाल के कुछ मामलों में लापरवाही सामने आई थी.
सचिव के इन सख्त निर्देशों से पूरे विभाग में नई ऊर्जा का संचार हुआ है. अधिकारियों को और अधिक सतर्कता के साथ कार्य करने को कहा गया है.
जनता को मिलेगा सुरक्षित और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर
बैठक के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में भवन निर्माण विभाग की सभी परियोजनाएं उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ समय पर पूरी होंगी. इससे राज्य के विकास कार्यों में तेजी आएगी और जनता को सुरक्षित व टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर मिल सकेगा.
सचिव के इन सशक्त कदमों से यह स्पष्ट संदेश गया है कि गुणवत्ता से कोई समझौता संभव नहीं है.
