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सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज, पूजा-पाठ के साथ शुरु होगा अनुष्ठान

सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना आज, पूजा-पाठ के साथ शुरु होगा अनुष्ठान

मोतिहारी : आज बस थोड़ी देर में ही बिराट रामायण मंदिर परिसर में दुनिया का सवसे बड़ा शिवलिंग दो क्रेन के सहयोग से स्थापना कर दिया जाएगा. जिस क्रेन की क्षमता 700 एवं 500 टन है जो बंगाल एवं भोपाल से मंगाया गया है. अब दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग की स्थापना का इंतजार के साथ पूजा पाठ शुरू होने वाला है.

कैथवलिया क्यो चुना गया

बिराट रामायण मंदिर परिसर में इलाके के आए श्रद्धालु साधु ने बिराट रामायण मंदिर निर्माण के लिए स्थल कैथवलिया क्यो चुना गया. जिसके बारे में श्रद्धालु साधु ने बताया भगवान राम की शादी जनकपुर से होकर लौटने के दौरान एक रात्रि यही ठहराव हुआ था जिसके बाद गॉव का नाम बहुआरा पड़ा (यानी राम की बहू की ठहराव होने को लेकर बहुआरा गॉव बना) जिसका प्रमाण रामजानकी पथ निर्माणाधीन है. वही विराट रामायण मंदिर के चौहद्दी में पूरब दिशा में बहुआरा गॉव है.

भव्यता देखने के लिए उमड़े लोग

शिवलिंग की ऊंचाई व गोलाई 33 फीट है. वजन 210 टन है. लक्ष्य 150 एकड़ की जगह 120 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में कुल 22 मंदिर व 12 शिखर होंगे. मंदिर की लंबाई 1080 व चौड़ाई 540 वर्गफीट होगी. सबसे ऊंचे शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी. इसके बाद एक शिखर 190, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, पांच शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी. परिसर की भव्यता देखने के लिए अभी से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं.

भव्यता के लिए विख्यात होगा यह मंदिर

विराट रामायण मंदिर की एक और विशेषता होगी दुनिया का दिव्य व भव्य मंदिर के रूप में प्रसिद्धि विराट रामायण मंदिर प्रभु श्रीराम के नगर अयोध्या व माता सीता की जन्मभूमि नेपाल के धाम जनकपुर के बीच मोतिहारी के कैथवलिया मे भूखंड पर हो रहा जिसका नामकरण जानकी नगर के रूप में किया गया है. रामजनकी पथ निर्माण रास्ते से अयोध्या से इस मंदिर की दूरी 315 किलोमीटर है. जनकपुरधाम से करीब 115 किलोमीटर है. बिहार की राजधानी पटना से 120 किलोमीटर है. यानी अयोध्या से जनकपुरधाम के लिए बन रही रामजानकी पथ के किनारे जानकी नगर में यह मंदिर अपने स्थान संग अपनी भव्यता के लिए समस्त संसार में विख्यात होगा.

 

 

Published at:17 Jan 2026 07:55 AM (IST)
Tags:MOTIHARIBIRAT MANDIRSHIVLINGSTAPHNAKATHWALIYA
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