पटना : बिहार विधान परिषद में उस वक्त माहौल गरमा गया जब अशोक चौधरी और सुनील सिंह के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. बहस की शुरुआत धान खरीद (प्रोक्योरमेंट) और पूरक सवाल को लेकर हुई जो देखते ही देखते व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गई.
विपक्षी सदस्यों ने जताया कड़ा ऐतराज
अशोक चौधरी ने इशारों-इशारों में तंज कसते हुए कहा कि “सप्लीमेंट्री पूछने वाले की पता नहीं… पहले 15 साल क्या होता था, धान का प्रोक्योरमेंट ही नहीं होता था.” उनके इस बयान पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया.
सुनील सिंह ने किया पलटवार
पूरक सवाल पूछते हुए सुनील सिंह ने पलटवार किया और कहा, “मेरी बुद्धि और बुद्धिमानी पर सवाल न उठाएं. चाहूं तो नकली डिग्री की पूरी पोल खोल सकता हूं. मुझे पता है डिग्री कैसे मिली है”
अशोक चौधरी आगबबूला हो गए
इस पर अशोक चौधरी आगबबूला हो गए और चुनौती देते हुए कहा, “मेरी डिग्री को गलत साबित कर दिखाएं. अगर साबित नहीं कर पाए तो परिषद से इस्तीफा देना होगा.”
सुनील सिंह ने भी जवाबी हमला करते हुए कहा कि उन्हें “अशोक कुमार कौन है और अशोक चौधरी कौन है” सब पता है. बयानबाजी के बीच सदन में हंगामा बढ़ गया.
सभापति ने कराया शांत
स्थिति बिगड़ती देख सभापति ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया और कार्यवाही को आगे बढ़ाया.
“सदन में किसी पर यूं ही आरोप नहीं लगाया जा सकता,”
विवाद के बीच मंत्री विजय चौधरी ने सदन में कहा कि कोई भी सदस्य यदि किसी पर आरोप लगाता है तो उसे नियम और दस्तावेजों के आधार पर लगाए. “सदन में किसी पर यूं ही आरोप नहीं लगाया जा सकता,” उन्होंने स्पष्ट किया.
