पटना (PATNA): बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में एक अहम फैसला लेते हुए कैबिनेट को भंग करने का निर्णय लिया गया. यह फैसला राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है.
कैबिनेट बैठक के दौरान माहौल काफी भावुक रहा. बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेंगे. निर्धारित समय के अनुसार, दोपहर 3:15 बजे वे राजभवन जाकर अपना इस्तीफा देंगे और कैबिनेट भंग होने की औपचारिक जानकारी देंगे.
बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री विजय चौधरी ने भी अपने विचार रखे और मुख्यमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया. इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगभग पाँच मिनट का संबोधन दिया, जिसमें वे काफी भावुक नजर आए. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि “2005 में मैं सरकार में आया था और जहां तक मुझसे संभव हुआ, मैंने काम किया. आगे भी नई सरकार को मेरा मार्गदर्शन मिलता रहेगा.”
इस भावुक संबोधन के दौरान कई मंत्री और अधिकारी भी भावुक हो गए. बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री ने पहले मंत्रियों के साथ और फिर वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ समूह फोटो खिंचवाया. इसके बाद जब मुख्यमंत्री राजभवन के लिए रवाना हुए, तो सभी मंत्री और अधिकारी उन्हें गाड़ी तक छोड़ने आए. इस दौरान भी नीतीश कुमार काफी भावुक दिखाई दिए. वहीं, शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव, डीजीपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहले से ही राजभवन पहुंचकर निरीक्षण कर रहे थे. इस तरह नीतीश कुमार की आखिरी कैबिनेट बैठक न सिर्फ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही, बल्कि भावनाओं से भी भरी रही, जिसने बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ ला दिया.