TNP DESK : धार्मिक नगरी वृंदावन में बुधवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार अपने परिवार के साथ दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे. इस दौरान उनका बेहद सादा और सहज अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. आम तौर पर वीआईपी संस्कृति और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाने जाने वाले दौर में निशांत कुमार का बिना किसी तामझाम के वृंदावन की गलियों में ई-रिक्शा से घूमना लोगों को हैरान करता नजर आया.
परिवार के साथ विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए
वृंदावन यात्रा के दौरान निशांत कुमार ने परिवार के साथ विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए और आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया. सामने आई तस्वीरों और वीडियो में वे कृष्ण नगरी की गलियों में पैदल घूमते जल निकायों के आसपास भ्रमण करते और आम लोगों की तरह ई-रिक्शा से सफर करते दिखाई दिए. खास बात यह रही कि इस दौरान उनके साथ न तो कोई भारी सुरक्षा घेरा नजर आया और न ही कोई विशेष प्रोटोकॉल.
समाज को एक अलग संदेश देती नजर आई
स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला रहा. कई लोगों ने पहली बार किसी बड़े राजनीतिक परिवार के सदस्य को इतने सामान्य अंदाज में घूमते देखा. उनकी यह सादगीपूर्ण यात्रा न केवल चर्चा का विषय बनी बल्कि समाज को एक अलग संदेश भी देती नजर आई. निशांत कुमार आमतौर पर लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी कम ही देखने को मिलती है. वे निजी जीवन में सादगी पसंद माने जाते हैं और अब तक राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं. हालांकि बिहार की राजनीति में समय-समय पर उन्हें लेकर चर्चाएं जरूर होती रही है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इकलौते पुत्र हैं निशांत
निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को बिहार में हुआ था. वर्ष 2026 में उनकी उम्र लगभग 50 वर्ष है. वे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पत्नी मंजू सिन्हा के इकलौते पुत्र हैं. उनकी मां एक समय स्कूल शिक्षिका थीं और वर्ष 2007 में उनका निधन हो गया था. निशांत ने प्रारंभिक शिक्षा सेंट कैरेंस स्कूल पटना से प्राप्त की और बाद में मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाई की. उच्च शिक्षा उन्होंने बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी), मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में हासिल की है. पेशे से वे एक इंजीनियर हैं.
शांत एवं साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं निशांत कुमार
राजनीतिक जीवन से दूर रहकर निशांत कुमार अब तक अधिकतर समय निजी और आध्यात्मिक गतिविधियों में बिताते रहे हैं. उन्होंने कई मौकों पर स्पष्ट किया है कि उनकी राजनीति में कोई विशेष रुचि नहीं है और वे एक शांत एवं साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं. हालांकि हाल के वर्षों में कुछ सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी के चलते राजनीतिक चर्चाएं एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है. वृंदावन की यह यात्रा एक बार फिर निशांत कुमार की सादगी, निजी जीवन के प्रति झुकाव और आध्यात्मिक सोच को दर्शाती है जिसने आम लोगों के बीच उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है.
