पटना (PATNA): पटना में आज महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी गर्माहट के बीच नारों से गूंज उठा. लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को बहुमत न मिलने से नाराज़ एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान से कारगिल चौक तक विशाल जन आक्रोश मार्च निकाला.इस मार्च में भाजपा, जदयू, एलजेपी (आर), हम और आरएलएम से जुड़ी हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया. मार्च को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सम्बोधित किया.
विपक्ष पर जमकर बरसीं महिला कार्यकर्ता
हाथों में तिरंगा और विरोधी पोस्टर लिए महिलाएं जब सड़कों पर उतरीं, तो विपक्ष के खिलाफ उनका गुस्सा साफ नजर आया.प्रदर्शन के दौरान एक महिला कार्यकर्ता लोहे की जंजीरें हाथों में बांधकर धरना स्थल पर पहुंची, जो प्रतीकात्मक रूप से “बंधन तोड़ने” का संदेश दे रही थी.मीडिया से बातचीत में उसने कहा कि महिलाएं अपना अधिकार लेकर रहेंगी और 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना ही होगा.
“हम भारत की नारी हैं, हम फूल नहीं चिंगारी हैं”
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर संसद में बिल का विरोध करने का आरोप लगाते हुए नाराज़गी जताई.सड़कों पर “हम भारत की नारी हैं, हम फूल नहीं चिंगारी हैं” जैसे नारे गूंजते रहे.प्रदर्शनकारियों के हाथों में विपक्षी नेताओं के पोस्टर भी थे, जिन पर काली स्याही पोती गई थी और विरोध के तीखे नारे लिखे थे. इन पोस्टरों में सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी और असदुद्दीन ओवैसी को “नारी शक्ति का विरोधी” बताया गया.
मार्च में एनडीए की कई प्रमुख महिला नेताओं ने भाग लिया
दिग्गज महिला नेताओं की मौजूदगी इस मार्च में एनडीए की कई प्रमुख महिला नेताओं ने भाग लिया. श्रेयसी सिंह, लेसी सिंह और पटना की मेयर सीता साहू ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया.नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने संसद में महिला आरक्षण बिल का विरोध कर अपना “वास्तविक चेहरा” दिखा दिया है. मेयर सीता साहू ने कहा कि राजद और कांग्रेस का गठबंधन केवल सत्ता के लिए है और ये दल कभी नहीं चाहते कि महिलाएं निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी करे.साथ ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को असुरक्षित किये तो बचेंगे नहीं.पाताललोक से भी ख़ोज निकालेंगे