कटिहार (Katihar): बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद एक बार फिर जिम्मेदार पद पर तैनात अधिकारी की लापरवाही और अनुशासनहीनता सामने आई है. समेली प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर अशोभनीय हरकत करते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से की.
मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक (एसपी) को दी. एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पूरे जिले में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
इधर, सिविल सर्जन ने भी बिना देर किए प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए डॉ. विनय कुमार सिंह को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद से हटा दिया है. उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक को समेली प्रखंड का प्रभार सौंप दिया गया है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका नकारात्मक असर न पड़े.
हालांकि, इस पूरे मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बिहार में वर्षों से पूर्ण शराबबंदी लागू है, ऐसे में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी का ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में पाया जाना कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है. यह भी सवाल उठता है कि आखिर इतनी सख्ती के बावजूद शराब की उपलब्धता कैसे हो रही है और इसका सप्लाई नेटवर्क किन लोगों के माध्यम से संचालित हो रहा है.
स्थानीय लोगो का मानना है कि इस तरह की घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती हैं, बल्कि समाज में कानून के प्रति सम्मान को भी कम करती हैं. अब देखना होगा कि इस मामले में आगे क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं और क्या सरकार इस पर कोई व्यापक जांच कर शराब सप्लाई के नेटवर्क का खुलासा कर पाती है या नहीं.