पटना (PATNA) : बिहार में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है. राज्य के कई जिलों पटना, सहरसा, मुजफ्फरपुर और किशनगंज में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और स्पेशल विजिलेंस यूनिट द्वारा एक साथ छापेमारी की जा रही है. इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
सहरसा में डीआरडीए (जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) के डायरेक्टर वैभव कुमार के आवास पर आर्थिक अपराध इकाई ने छापा मारा. वैभव कुमार फिलहाल सहरसा में ही पदस्थापित है. अधिकारियों की टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है. छापेमारी का दायरा केवल सहरसा तक सीमित नहीं है. मुजफ्फरपुर के मनियारी थाना क्षेत्र स्थित मिश्र मनियारी गांव में वैभव कुमार के पैतृक आवास और उनके आईटीआई कॉलेज में भी एक साथ कार्रवाई की जा रही है. इसके अलावा पटना में भी उनके संबंधित ठिकानों पर जांच जारी है.
इधर किशनगंज में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई की जा रही है. स्पेशल विजिलेंस यूनिट द्वारा उनके 6 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी चल रही है. गौतम कुमार पर करीब 1 करोड़ 94 लाख 9 हजार 244 रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. उनके पटना, पूर्णिया और किशनगंज स्थित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की जा रही है.
आर्थिक अपराध इकाई की टीमें सभी ठिकानों पर बैंक दस्तावेज, संपत्ति के कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही हैं. माना जा रहा है कि जांच के बाद कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. बिहार में हाल के दिनों में भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई देखने को मिल रही है. अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की समन्वित छापेमारी यह संकेत देती है कि सरकार और जांच एजेंसियां अब ऐसे मामलों में सख्त रुख अपना रही हैं.