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जानकी नवमी पर होगा भारत-नेपाल का ‘धार्मिक’ मिलन, नेपाल के पीएम को जानकी नवमी का न्योता देने पहुंचे सीतामढ़ी के लोग

जानकी नवमी पर होगा भारत-नेपाल का ‘धार्मिक’ मिलन, नेपाल के पीएम को जानकी नवमी का न्योता देने पहुंचे सीतामढ़ी के लोग

सीतामढ़ी(SITAMADHI): जानकी नवमी को लेकर सीतामढ़ी में तैयारी पूरी कर ली गई है. इस साल जानकी नवमी 29 अप्रैल को मनाई जाएगी. जिसको खास बनाने के लिए सीतामढ़ी के लोग जुटे हैं. माता सीता के जन्म की खुशी में जानकी नवमी मनाई जाती है. जिसकी तैयारी को लेकर जिले में हर्षोल्लास का माहौल है. इस बार जानकी मंदिर आयोजन समिति ने कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए माता सीता की प्राकट्य स्थली सीतामढ़ी के साथ राजा जनक की राजधानी नेपाल के जनकपुर धाम से जोड़ने की तैयारी की गई है. जानकी स्थान समिति की ओर से सीता नवमी के अवसर पर नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ जनकपुर के मंहत और साधु संतो को निमंत्रण दिया गया है.

‘नेपाल’ के पीएम को जानकी नवमी का न्योता देने पहुंचे सीतामढ़ी के लोग

निमंत्रण देने के लिए जानकी मंदिर के महंत विनोद दास की अध्यक्षता में 51 छोटी गाड़ी और एक बस से ढ़ाई सौ महिला पुरुष श्रद्धालुओं का जत्था नेपाल के जनकपुर पहुंचा. जहां जनकपुर के मुख्यमंत्री सरोज यादव ने अपने कार्यालय में बुलाकर सबका स्वागत किया. सीतामढ़ी के लोगों ने भारतीय संस्कृति के अनुसार फल-फूल अंगवस्त्र देकर जनकपुर के 132 मंदिर, मठों के साधु संत और महंतो को निमंत्रण दिया.इसके साथ ही सीतामढ़ी की गायिका की टीम ने नेपाल में सांस्कृतिक कार्यक्रम में समा बांधकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया.

क्यों मनाई जाती है सीता नवमी माता

आपको बता दें की सीता नवमी माता सीता के जन्मोत्सव के रुप में मनाया जाता है. इस दिन सुहागिन महिलायें व्रत रखकर माता सीता की पूजा-अर्चना करती हैं. पौराणिक कथा के अनुसार एक दिन मिथिला के राजा जनक अपने खेतों में हल चला रहे थे. उसी दौरान वहां से माता सीता पुत्री के रुप में धरती से प्रकट हुई.

Published at:10 Apr 2023 02:54 PM (IST)
Tags:biharsitamarhiIndia-Nepal's 'religious' meetingJanaki NavamiSitamarhi arrived to invite Nepal's PM for Janaki Navami
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