पटना(PATNA): महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाने की दिशा में बिहार सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है. राज्य में 14-15 वर्ष आयु वर्ग की करीब 13 लाख 15 हजार किशोरियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) से बचाव का टीका लगाया जाएगा. इस व्यापक टीकाकरण अभियान का शुभारंभ शनिवार को पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में किया गया.
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि यह अभियान देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है और बिहार इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है. उन्होंने बताया कि यह विशेष टीकाकरण अभियान आगामी तीन महीनों तक पूरे राज्य में चलाया जाएगा. स्कूलों के माध्यम से इसे युद्धस्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक किशोरियों तक समय पर टीका पहुंचाया जा सके.
इस मौके पर राजस्थान के अजमेर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी दिखाया गया. मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि देश की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित किया जाए और भविष्य में इस बीमारी से होने वाली मौतों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो.
स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है. पिछले वर्ष देशभर में 78,499 महिलाओं की मौत इस बीमारी के कारण हुई, जो समाज और परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने जोर देकर कहा कि समय पर टीकाकरण से इस बीमारी की रोकथाम संभव है और यही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है.
उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने बिहार को 6.5 लाख टीके के डोज उपलब्ध करा दिए हैं. ये सभी डोज जिलों को भेजे जा रहे हैं और जिला अस्पतालों से लेकर प्रखंड स्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक उपलब्ध कराए जाएंगे. राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी पात्र किशोरी को टीका से वंचित न रहना पड़े.
स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में पहले से 9-14 वर्ष की बच्चियों को दो डोज में टीकाकरण किया जा रहा है. पहला डोज और छह महीने बाद दूसरा डोज. जिन बच्चियों को अब तक दूसरा डोज नहीं मिल पाया है, उन्हें भी इस अभियान के दौरान कवर किया जाएगा. साथ ही नए पात्र आयु वर्ग की किशोरियों को पहला डोज दिया जाएगा.
कार्यक्रम में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, डॉ. अनुपमा सिंह, डॉ. मनीष मंडल, अमिताभ सिंह और डॉ. राजेश कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक मौजूद रहे.
यह अभियान न केवल बेटियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि बिहार को कैंसर मुक्त भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार भी प्रदान करेगा.
