पटना (PATNA): भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर बिहार सरकार पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद सभागार में भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में सीमा सुरक्षा, निगरानी तंत्र और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि भारत-नेपाल सीमा बेहद संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सीमा पर होने वाली तस्करी, नकली नोटों के कारोबार, नशीले पदार्थों की आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने को कहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा पर होने वाले हर अनैतिक और गैर-कानूनी कार्य पर पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सीमा सुरक्षा से जुड़ी तैयारियों और केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुपालन की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि फरवरी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर कई अहम निर्देश दिए गए थे, जिन पर राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के जरिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह तकनीक आधारित और सक्रिय बनाया जाए ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके.
बैठक में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक ऑपरेशन कुंदन कृष्णन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का कहना है कि सीमा सुरक्षा को लेकर आगे भी लगातार समीक्षा और निगरानी जारी रहेगी, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत रखा जा सके.