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बेरोजगारों को पहले देता था नौकरी का झांसा फिर करता था किडनैप, जानिए कैसे हुआ पर्दाफाश

बेरोजगारों को पहले देता था नौकरी का झांसा फिर करता था किडनैप, जानिए कैसे हुआ पर्दाफाश

बेगूसराय(BEGUSARAI): बेगूसराय पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है जब पुलिस ने एक अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है. इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन अपहरणकर्ता समेत एक चार पहिया वाहन को जब्त किया है. घटना छौराही  थाना क्षेत्र की है.

बताते चले की छौराही थाना क्षेत्र के एकम्बा पंचायत  अंतर्गत डीह गांव के वार्ड संख्या दो निवासी रामखेलावन यादव का  पुत्र अरविंद यादव  को मोबाइल पर अपराधियों ने पिछले सोमवार को नौकरी देने का झांसा देकर पटना बुलाया था. पटना पहुंचने पर युवक द्वारा जब अपराधियों के मोबाइल फोन पर किया गया तो अपराधी ने युवक को गया बुलाया. युवक अरविंद यादव जब गया पहुंचा तो अपराधी युवक को सुनसान बहियार में ले गया और उसकी बुरी तरह से पिटाई की. फिर अपराधियों ने अपहृत युवक के पत्नी के मोबाइल पर फोन कर छह लाख नगद रुपया फिरौती की मांग की. यह खबर परिवार में पहुंचते ही खलबली मच गई और पंचायत के मुखिया समेत अन्य बुद्धिजीवी को इसकी सूचना दी गयीं. परिवार और ग्रामीणों के द्वारा देर नहीं करते हुए इसकी सूचना छौराही पुलिस को दी. जिसके बाद अपराधी का मोबाइल नंबर मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंझौल डीएसपी एवं जिला पुलिस कप्तान योगेंद्र प्रसाद के निर्देशानुसार अपहरित को बरामद करने मे सफलता पाई. 

"जॉब इन" बिहार नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित

अपहृत युवक के अनुसार अपराधी हर चार घंटे पर अपना ठिकाना बदल लेते थे. बताया जाता है कि परिवार के लोगों ने 50 हजार नगद रुपया अपराधी के खाते में ट्रांसफर भी किया था  लेकिन अपराधी 6 लाख का डिमांड अंत तक करते रहा. इस मामले में बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया की एक पेशेवर गिरोह की गिरफ्तारी हुई है जो बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर इंटरव्यू के लिए अन्य जिले बुलाकर अपहरण का काम करता था. उन्होंने बताया कि "जॉब इन" बिहार नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित है जिसमें गिरफ्तार तीनों अपराधी जुड़े हुए थे. यह लोग वहां से लड़कों का नंबर लेकर उसे नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा देते थे और बाद में उनका अपहरण कर लिया करते थे. इस मामले में तीन  पेसेवर अपराधी को गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली है.

पूरा मामला 

एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि छौराही थाना क्षेत्र के रहने वाले एक युवक अरविंद कुमार यादव कि इन अपराधियों के द्वारा  नौकरी देने के नाम पर पटना बुलाया गया जिसके बाद उसे गया ले जाकर उसका अपहरण कर लिया. फिर इसके परिजनों से छह लाख रूपये का डिमांड किया गया. जिसकी सूचना मिलते ही उनके द्वारा एक डीएसपी मंझौल के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया. जिसके बाद पुलिस की टीम ने अपना काम करते हुए युवक को बरामद किया गया. एसपी ने बताया कि सबूत के तौर पर अपहरणकर्ताओं ने युवक का फुटेज भी परिवार के लोगों को भेजा था.  जिसके बाद परिवार के लोगों ने एक व्यक्ति के खाते में 50 हजार रुपया भी ट्रांसफर कर दिया. योगेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना के तुरंत बाद पुलिस ने औरंगाबाद जिला के मदनपुर नामक युवक को बरामद कर लिया. इसके साथ ही पुलिस ने तीनों अपराधी को भी गिरफ्तार कर लिया है जो मुख्य रूप से गया और औरंगाबाद के रहने वाले हैं. गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य सरगना कैमूर के रहने वाले आदर्श कुमार है. जिसके दो सहयोगी सुजीत कुमार और अहसान अंसारी की गिरफ्तारी की गई है. बेगूसराय के एसपी ने बताया है कि टीम के द्वारा बेहतर काम करने के लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा.

Published at:26 May 2023 11:38 AM (IST)
Tags:biharbegusaraigive the job to the unemployed and then used to kidnap
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