सुपौल (SUPAUL) : जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर स्थित भीमनगर चेकपोस्ट पर मध निषेध विभाग की टीम ने नियमित जांच अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए शराब के नशे में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में सभी 5 सरकारी स्कूल के शिक्षक शामिल हैं जिससे शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
भीमनगर बॉर्डर पर बड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार यह सभी लोग मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत स्कूली छात्रों के परिभ्रमण दल के साथ नेपाल गए थे और वापस लौटने के दौरान भीमनगर चेकपोस्ट पर जांच के दौरान पकड़े गए. मध निषेध विभाग की टीम बॉर्डर पर आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच कर रही थी. इसी दौरान नेपाल से लौट रहे पांच संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की गई जिसमें सभी के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई.
बच्चों के भविष्य के जिम्मेदार खुद नशे में
गिरफ्तार लोगों की पहचान मधेपुरा जिले के सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के मनाहरा निवासी सिवंश कुमार उर्फ शक्ति शामन, बेलारी थाना क्षेत्र के परिहारी निवासी दीपनारायण राम, घैलाढ़ थाना क्षेत्र के रतनपुरा निवासी इंग्लिश कुमार, गम्हरिया थाना क्षेत्र के दुलार निवासी मिठू कुमार तथा खगड़िया जिले के बेलदौर थाना क्षेत्र के बहुअरवा निवासी धीरेन्द्र कुमार के रूप में हुई है. इनमें से दीपनारायण राम, इंग्लिश कुमार और धीरेन्द्र कुमार मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिहारी में शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं.
जिम्मेदारी भूल गए शिक्षक
सूत्रों के अनुसार, सभी शिक्षक छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण के लिए नेपाल के ऐतिहासिक स्थलों पर लेकर गए थे. आरोप है कि भ्रमण के दौरान ही उन्होंने शराब का सेवन किया और वापस लौटते समय चेकपोस्ट पर पकड़े गए. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि जिन शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी होती है उनका इस तरह का आचरण बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है.
गिरफ्तार आरोपी न्यायिक हिरासत में
मध निषेध विभाग के इंस्पेक्टर संजय प्रियदर्शी ने बताया कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है जिसके तहत शराब का सेवन, खरीद-बिक्री और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. साथ ही इस मामले की जानकारी संबंधित शिक्षा विभाग को भी दे दी गई है ताकि विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
इधर, सुपौल डीएम सावन कुमार ने कहा कि गिरफ्तार शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सस्पेंशन लेटर संबंधित जिले को भेजा जाएगा. उधर, मधेपुरा जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि मामले की जांच जिला शिक्षा पदाधिकारी से करवाई जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.