पटना(PATNA): ऊर्जा विभाग ने वैशाली जिले में बन रहे 132/33 केवी यउपकेंद्र का निरीक्षण किया. परिजनों की बारीकी से जांच की है. ऊर्जा विभाग के सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह निर्माण कार्य की समीक्षा की. इस दौरान कार्य स्थल पर मौजूद अधिकारियों को कई दिशा निर्देश दिया है. जिससे समय पर परियोजना को पूरा किया जा सके. निरीक्षण के दौरान बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार के सेह अन्य वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
बता दे कि परियोजना के अन्तर्गत 132/133 केवी ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के साथ-साथ संबंधित संचरण लाइन और 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र ताजपुर में 132 केवी के दो अदद लाइन 'बे' का निर्माण किया जा रहा है.
दरअसल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान 6 जनवरी 2025 को वैशाली जिले के महुआ प्रखंड में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र निर्माण की घोषणा की गई थी. परियोजना के लिए एजेंसी का चयन कर 15 मई 2025 को कार्य आवंटित किया था. परियोजना की अनुमानित लागत 126.78 करोड़ रुपये है. वर्तमान परिदृश्य में मिट्टी परीक्षण और कंटूर सर्वे पूरा हो गया है, अप्रोच रोड का काम शुरू हो चुका है और दोनों लाइनों का विस्तृत सर्वे पूरा हो गया है. साथ ही, ग्रिड उपकेंद्र ताजपुर में भी सिविल कार्य जारी है. इस कार्य को 18 महीने में पूरे करने का लक्ष्य निर्धारित है.
उल्लेखनीय है कि उक्त ग्रिड के निर्माण के बाद वैशाली जिले के महुआ, पिरोई, चेहराकला, डभेच्छ, पातेपुर, राजापाकड़, गौरौल, मिर्जानगर, मौदहचतुर एवं छतवाड़ा शक्ति उपकेंद्रों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति होगी.
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