मुजफ्फरपुर (MUJAFFARPUR): मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में प्रेम-प्रसंग का एक अजब गजब मामला सामने आया है, जहां समाज और जाति की दीवारों को लांघकर एक प्रेमी जोड़ा फरार हो गया है.वही पर अब अचानक ही प्रेमिका ने एक सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर अपने परिजनों और पुलिस से गुहार लगाई है कि उसके प्रेमी को अब आप सब लोग स्वीकार करे जाए और प्रेमी के परिवार के किसी भी लोग परेशान करना बंद करे.
पढ़िए पूरा मामला
पूरा मामला जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की है जहां पर की रहने वाली लड़की काजल और उसके प्रेमी गौतम तिवारी के बीच बीते 5 वर्षों से पहले दोस्ती फिर प्रेम प्रसंग चल रहा था.बताया जा रहा है काजल कुमारी यादव समाज से ताल्लुक रखती है जबकि गौतम तिवारी ब्राह्मण समाज से है और अब इस अंतरजातीय प्रेम और फिर विवाह का विरोध हो रहा है.वही पर परिजनों के कड़े विरोध और अपनी मोहब्बत को खतरे में देख,दोनों ने अब एक साथ जीने-मरने की कसमें खाईं और फिर तीन दिन पहले ही 5 मई को अपना घर छोड़कर फरार हो गए।जिसके बाद से युवती के लापता होने के बाद परिजनों ने मोतीपुर थाने में लड़की अपहरण का मामला दर्ज कराया और इस इसमें प्रेमी गौतम को मुख्य आरोपी बनाया गया.जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और परिजनों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था.पुलिसिया दबिश परिजनों के विरोध के बीच प्रेमी जोड़े ने सोशल मीडिया पर एक दो-तीन वीडियो साझा कर दी है.
मेरे दीवाने को इतना न सताओ
वायरल किए गए इस वीडियो में दोनों एक साथ नजर आ रहे है और इस दौरान में दावा किया है कि वे बालिग है और अपनी मर्जी से शादी कर चुके है.इस दौरान में साक्ष्य के कोर्ट के नोटरी पेपर भी दिखाए है.इस वायरल वीडियो में युवती कह रही है कि मेरे दीवाने को इतना न सताओ.हमलोग ने अपनी मर्जी से शादी की है और हम एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते.हम बालिग है और जो अपहरण का मामला दर्ज कराया गया है,वह पूरी तरह गलत है।कृपया मेरे गौतम के परिवार वालों को परेशान करना बंद करें.
कोर्ट के आदेश और कानून सम्मत प्रक्रिया
वही इस पूरे मामले में मोतीपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र में परिजनों की अपहरण करने की शिकायत पर 6 मई को नामजद केस दर्ज किया गया था.इस दौरान में पुलिस ने युवक के परिवार से पूछताछ की है.अब तक की जांच में फिलहाल दोनों के सामने आने के बाद युवती का कोर्ट में प्रस्तुत कर बयान दर्ज कराया जाएगा.जिसके बाद इस मामले में कोर्ट के आदेश और कानून सम्मत प्रक्रिया के अनुसार ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.