पटना(PATNA): बिहार में 2 मई से जनगणना से प्रारंभ होने जा रहा है. इससे पूर्व स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रक्रिया राज्य में 17 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो चुकी है. इसी क्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्वयं अपनी स्व-गणना कर इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सहभागिता निभाई तथा राज्यवासियों से भी उत्साहपूर्वक भाग लेने की अपील की. उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जनगणना–2027 तकनीकी दृष्टि से एक ऐतिहासिक पहल है, क्योंकि पहली बार नागरिकों को स्व-गणना की सुविधा प्रदान की गई है.यह व्यवस्था जनसहभागिता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.अब नागरिक प्रगणक के आगमन की प्रतीक्षा किए बिना स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते है.
सक्रिय सहभागिता की अपील
उन्होंने कहा कि स्व-गणना सुविधा दिनांक 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी.इस अवधि में बिहार के नागरिक आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपने परिवार का विवरण सरल, सुरक्षित एवं सुविधाजनक तरीके से भर सकते है. परिवार के मुखिया का नाम एवं परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर कंप्यूटर, लैपटॉप अथवा स्मार्टफोन से कहीं से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.
इससे समय की बचत होगी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि स्व-गणना पूर्ण होने के पश्चात प्रत्येक परिवार को एक विशिष्ट Self-Enumeration ID (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा प्रगणक के घर आगमन पर सत्यापन हेतु उपलब्ध कराना होगा.इससे समय की बचत होगी तथा आंकड़ों की सटीकता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि डिजिटल जनगणना से शासन-प्रशासन को अधिक सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे, जिससे विकास योजनाओं, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा तथा जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन संभव हो सकेगा.अंत में, माननीय उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना सुविधा का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित अवधि के भीतर अपनी जानकारी दर्ज करें तथा बिहार को डिजिटल जनगणना अभियान में अग्रणी राज्य बनाने में सक्रिय योगदान देंयह अभियान बिहार एवं देश के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत आधार सिद्ध होगा.