औरंगाबाद(AURANGABAD बिहार की ई-चालान व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. सोचिए, आपकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी हो और उसी दौरान किसी दूसरे शहर में उसका चालान कट जाए. मामला औरंगाबाद के चर्चित व्यवसायी और सूर्य मंदिर देव न्यास समिति के उपाध्यक्ष अमिताभ सिंह के साथ सामने आया है. उनके मोबाइल पर पटना में ट्रैफिक नियम तोड़ने का ई-चालान पहुंचा, जबकि दावा है कि उनकी गाड़ी शहर से बाहर गई थी और न ही वे खुद कहीं गए थे. इस घटना ने न सिर्फ ट्रांसपोर्ट सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है.
अचानक आए इस संदेश को देखकर वे दंग रह गए. उनका कहना है कि संबंधित तारीख को उनकी गाड़ी कहीं बाहर गई ही नहीं थी, फिर पटना में चालान कैसे कट गया. इस घटना के बाद उन्होंने सिस्टम की पारदर्शिता और तकनीकी जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए.
मामले को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने पोस्ट करते हुए लिखा कि बिना सही सत्यापन के लोगों पर जुर्माना थोपना गलत है और इससे आम नागरिक मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं. उनके पोस्ट में चालान से जुड़ा मैसेज और स्क्रीनशॉट भी साझा किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
इस मामले के सामने आने के बाद कई लोगों ने भी ऐसे ही अनुभव साझा किए. कुछ लोगों का कहना है कि उनकी गाड़ियों के चालान दूसरे जिलों में काट दिए गए, जबकि वाहन कहीं और मौजूद थे. विशेषज्ञों का मानना है कि नंबर प्लेट की गलत पहचान, कैमरों की तकनीकी खामी या डाटा एंट्री में गड़बड़ी के कारण इस तरह की समस्याएं सामने आती हैं.
हालांकि, आम लोगों के लिए यह सिर्फ तकनीकी गलती नहीं बल्कि आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बनता जा रहा है. अब लोग मांग कर रहे हैं कि ट्रैफिक विभाग चालान जारी करने से पहले सटीक सत्यापन सुनिश्चित करे, ताकि निर्दोष लोगों को बेवजह परेशान न होना पड़े.