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टेक हब के साथ नई अर्थ व्यवस्था में पहचान बनाएगा बिहार,दिल्ली में हुई समिति की बैठक  

BY -
Samir Hussain
Samir Hussain
Copy Editor • TheNewsPost.in
PublishedAt: March 11, 2026, 10:15:31 PM

पटना(PATNA): बिहार को अब टेक हब के साथ नई अर्थ व्यवस्था के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने के लिए सरकार ने रोड मैप तैयार किया है. पूर्वी भारत में बिहार की अब पहचान अलग कैसे बने इसे लेकर दिल्ली में एक बड़ी और अहम बैठक हुई. बैठक में राज्य को नवाचार, प्रौद्योगिकी सेवाओं के साथ  नई अर्थव्यवस्था (न्यू एज इकोनॉमी) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से गठित तीन शीर्ष समितियों की दूसरी बैठक 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित बिहार भवन में आयोजित की गई.

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक

बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत ने की. बैठक में राज्य के लिए प्रौद्योगिकी आधारित विकास की दीर्घकालिक रणनीति और निवेश आकर्षित करने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

पूर्वी भारत में बनेगा पहचान

बैठक में बिहार को पूर्वी भारत के टेक हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्तावित रोडमैप पर चर्चा की गई. इसके अंतर्गत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, वैश्विक क्षमता केंद्र, मेगा टेक सिटी तथा फिन-टेक सिटी जैसे प्रमुख प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर विचार किया गया.

नई अर्थव्यवस्था पर चर्चा

इसके अतिरिक्त न्यू एज इकोनॉमी के तहत स्टार्टअप, नवाचार और युवाओं के लिए रोजगारोन्मुख अवसरों को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर भी चर्चा हुई. बैठक में राज्य की मौजूदा नीतियों की समीक्षा करते हुए यह भी विचार किया गया कि स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए किन नए सुधारों और पहलों की आवश्यकता है.

पाँच वर्षों की कार्य योजना पर चर्चा

बैठक में अगले पाँच वर्षों में बिहार को ग्लोबल बैक एंड हब और ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में स्थापित करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया. इसके अंतर्गत कार्यान्वयन की रणनीति, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा उद्योग जगत के साथ साझेदारी को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की गई.

अपने संबोधन में मुख्य सचिव  प्रत्यय अमृत ने कहा कि बिहार सरकार का प्रमुख लक्ष्य राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना है, ताकि देश और विदेश के निवेशक बिहार में उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएँ. उन्होंने कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा, तेजी से विकसित होती आधारभूत संरचना और सरकार की निवेश समर्थक नीतियाँ राज्य को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि आगामी औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है और इस मंच के माध्यम से वैश्विक निवेशकों तथा उद्योग जगत को बिहार में उपलब्ध अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा.

टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स क्षेत्र में विकसित करने की योजना

उद्योग विभाग के सचिव सह प्रबंध निदेशक, बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA)  कुंदन कुमार ने बिहार में स्टार्टअप और न्यू एज इकोनॉमी से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार को टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित करना है. उन्होंने यह भी बताया कि आगामी औद्योगिक सम्मेलनों के माध्यम से निवेशकों, उद्योगपतियों और वैश्विक उद्यमियों को बिहार में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है.

डिजिटल क्षेत्र में कई संभावनाएं

सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव  अभय कुमार सिंह ने राज्य सरकार के एआई मिशन से जुड़ी पहलों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि एआई और उभरती डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में बिहार के पास व्यापक संभावनाएँ हैं. यदि इन क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जाए तो इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे बल्कि युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे.

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक शीर्ष समिति के लिए स्पष्ट और समयबद्ध एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, ताकि प्रस्तावित पहलों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सके. इसके तहत प्रमुख प्राथमिकताओं, आवश्यक नीतिगत हस्तक्षेपों तथा रणनीतिक पहलों की पहचान की जाएगी.

साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि राज्य सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति दी जाए.

बैठक में बड़े निवेश (लार्ज टिकट साइज इन्वेस्टमेंट) को आकर्षित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया. इसके लिए तकनीक आधारित और नवाचार-आधारित क्षेत्रों में कार्यरत वैश्विक निवेशकों से संपर्क बढ़ाने तथा बिहार को एक उच्च संभावनाओं वाले निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने पर बल दिया गया.

इसके अतिरिक्त, उच्च संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स को तेजी से विकसित कर यूनिकॉर्न बनने की दिशा में मार्गदर्शन देने, उन्हें बाजार, वित्तपोषण, इनक्यूबेशन और वैश्विक साझेदारियों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई. विशेष रूप से एआई, डीप टेक, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में उद्यमों के विस्तार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई गई.

बैठक में अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग  आनंद किशोर, प्रधान सचिव, कृषि विभाग  नर्मदेश्वर लाल, वित्त विभाग की सचिव (व्यय) मती रचना पाटिल,

उद्योग (एमएसएमई) निदेशक  अमन समीर, उद्योग निदेशक  मुकुल कुमार गुप्ता तथा कृषि विभाग के निदेशक  सौरव सुमन यादव उपस्थित थे. बैठक में  रुहैल रंजन (विधायक, इस्लामपुर),  अभिषेक आनंद (विधायक, चेरिया-बरियारपुर) एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. बैठक में प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े अंतरराष्ट्रीय उद्यमी  सुशांत पटनायक ने भी अपने विचार साझा किए.

बैठक में स्टार्ट-अप और उद्यमिता से जुड़े प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों और उद्यमियों ने भी अपने विचार साझा किए. DeHaat के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  शशांक कुमार, YourStory की मुख्य कार्यकारी अधिकारी मती श्रद्धा शर्मा तथा UClean के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी  अरुणाभ सिन्हा शारीरिक रूप से उपस्थित रहे. वहीं Yubi / Vivriti Capital / Vivriti Asset Management के संस्थापक  गौरव कुमार तथा Inshorts के सह-संस्थापक एवं चेयरमैन  अजहर इक़बाल ने भी बैठक में भाग लेकर अपने विचार प्रस्तुत किए.

बैठक के दौरान सभी प्रतिभागियों ने बिहार को प्रौद्योगिकी, नवाचार और निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया.

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